भगवा पर किसी का पेटेंट नहींः चिदंबरम
नई दिल्ली(एजेंसी) भगवा आतंकवाद मुद्दे पर विपक्ष और अपनी ही पार्टी के निशाने पर आए केन्द्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम अभी भी अपने रूख पर अडिग हैं। चिदंबरम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने मंत्रालय के कामकाज की मासिक रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि भगवा आतंकवाद पर किसी का पेटेंट नहीं है। वह इसके जरिए जो संदेश देना चाहते थे वह देश भर में चला गया है। उन्होंने कहा कि देश के कुछ बम धमाकों के पीछे दक्षिणपंथियों का हाथ है। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी और उसके विचार "सुप्रीम" है।
एक सवाल के जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि "वह पहले व्यक्ति नहीं हैं जिसने इस शब्द का इस्तेमाल किया है। इससे पहले भी यूपीए सरकार में शामिल मंत्रियों समेत अन्य लोगों के द्वारा कई बार इसका प्रयोग किया जा चुका है। मैं इस मुहावरे पर पेटेंट होने का दावा नहीं कर सकता।"
गौरतलब है कि चिदंबरम ने पुलिस अधिकारियों के एक सम्मेलन के दौरान कहा था कि देश के कई बम धमाकों के पीछे भगवा आतंकवाद का हाथ है। भगवा आतंकवाद देश के लिए नई चुनौती बनकर उभर रहा है। इस बयान पर विपक्ष के साथ-साथ कांग्रेस नेताओं ने भी उनकी कड़ी आलोचना की थी। संसद में भी भगवा आतंकवाद के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हो चुका है। विपक्ष चिदंबरम के साथ-साथ पीएम से भी इस मुद्दे पर माफी मांगने को कह चुका है।
राष्ट्रमंडल खेलों की सुरक्षा समीक्षा पर बैठक के बाद चिदंबरम ने संवाददाता सम्मेलन में कॉमनवेल्थ गेम्स की सुरक्षा पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर तक सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता कर लिए जाएंगे।
चिदंबरम ने आज कॉमनवेल्थ गेम्स की सुरक्षा पर समीक्षा की। गृह सचिव जीके पिल्लई , दिल्ली पुलिस कमिश्नर वाई एस डडवाल और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी समेत राष्ट्रीय सुरक्षा गार्डो ने गृह मंत्री को सीडब्लूजी के लिए किए गए सुरक्षा इंतजामों से अवगत कराया। एक अधिकारी ने बताया कॉमनवेल्थ के दौरान सुरक्षा की व्यवस्था संसद के बराबर ही होगी। सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा बल सात सितंबर से सभी आयोजन स्थल को अपने जिम्मे ले लेंगे। सुरक्षा योजना के अनुसार एथलीट , अधिकारी और मेहमान ही जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम को देख सकेंगे जबकि राज्य के मुखिया के अलावा कोई भी वीआईपी स्टेडियम में प्रवेश नहीं कर पाएगा। यहां पर 150 बसों की पार्किग की व्यवस्था की गई है।
कॉमनवेल्थ के दौरान 20 लाख पर्यटकों के आने की उम्मीद है। 3-14 अक्टूबर तक होने वाले राश्ट्रमंडल खेलों में 71 टीमों के दस हजार एथलीटों के हिस्सा लेने की संभावना है। बारह दिनों तक चलने वाला खेलों का ये समारोह 1982 के एशियाड के बाद सबसे बड़ा खेल आयोजन है।
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