तो सद्दाम हुसैन को मिल जाता परमाणु बम
वाशिंगटन(एजेंसी) पाक के बदनाम वैज्ञानिक ए क्यू खान के एजेंट ने इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन को परमाणु बम देने की पेशकश की थी। सद्दाम को पैकेज डील का ऑफर दिया गया था जिसमें न सिर्फ बम बल्कि इसके उत्पादन की जानकारी और विदेशी विशेषज्ञों की सेवाएं देना भी शामिल था। इस पैकेज की कीमत थी 15 करोड़ अमेरिकी डॉलर।
यह जानकारी अमेरिका के पूर्व हथियार निरीक्षक डेविड अलब्राइट ने अगले हफ्ते जारी होने वाली अपनी किताब ‘ पेंडलिंग पेरिल- हाऊ द सीक्रेट न्यूक्लियर ट्रेड आर्म्स अमेरिकाज एनेमी ' में दी है। वाशिंगटन पोस्ट ने किताब के हवाले से लिखा है कि खान द्वारा सद्दाम को दी गई परमाणु सहायता अब तक ज्ञात जानकारी से कहीं ज्यादा व्यापक थी। 1990 में खान के सहयोगियों द्वारा लिखे एक पत्र में सद्दाम से कहा गया था कि जिस परमाणु बम को पाक ने 10 साल की मेहनत और 30 करोड़ डॉलर के निवेश के बाद हासिल किया है उसे वे (सद्दाम) केवल तीन सालों में 15 करोड़ डॉलर खर्च कर हासिल कर सकते हैं।
किताब में एक और पत्र का हवाला दिया गया है जिसमें भरोसा दिलाया गया था कि इराक को इसके लिए जरूरी सभी सामग्री और उपकरण मुहैया कराए जाएंगे। इसके साथ ही पत्र में यह भी कहा गया है कि पाक के दो से तीन वैज्ञानिक इराक में इस प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए मौजूदा संस्थान से त्यागपत्र देने को तैयार हैं।
अलब्राइट ने कहा है कि यदि विभिन्न देशों की सरकारें और निजी क्षेत्र जानकारी के आदान-प्रदान में दिलचस्पी लेते तो खान को ईरान , लीबिया और उत्तर कोरिया को परमाणु तकनीक बेचने के लिए दुनिया भर में स्मगलरों का नेटवर्क बनाने से रोका जा सकता था।
इस सिलसिले में उल्लेख किया गया है कि नीदरलैंड में जांच में खान द्वारा परमाणु ब्लूप्रिंट की चोरी की पुष्टि हुई थी लेकिन गंभीर सुरक्षा उल्लंघन को लेकर कोई व्यापक जांच पड़ताल नहीं की गई। किताब में अल कायदा द्वारा परमाणु हथियार पाने की कवायद के साथ ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के बीच के लुका-छिपी के खेल का भी उल्लेख किया गया है।
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