मैच फिक्सिंग मामले पर पीसीबी ने दो खिलाड़ियों पर लगाया ताउम्र बैन
इस्लामाबाद(एजेंसी) पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अपने खिलाड़ियों को जुर्माने से लेकर ताउम्र पाबंदी तक की सजा दी है। पीसीबी ने अपनी जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद उसकी सिफारिशों पर ये कार्रवाई की है। पीसीबी ने कहा है कि ये खिलाड़ी अगर चाहें तो आगे अपील कर सकते हैं।
खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में शर्मनाक प्रदर्शन और अनुशासनहीनता के नाम पर सजा दी गई है लेकिन माना जा रहा है कि इन खिलाड़ियों को असल में मैच फिक्सिंग की सजा दी गई है। मोहम्मद यूसुफ और यूनिस खान पर ताउम्र अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने पर पाबंदी लगा दी गई है। ऑलराउंडर शोएब मलिक और राणा नवेद उल हसन पर 20-20 लाख रुपये जुर्माना और एक साल का प्रतिबंध लगाया गया है।
शाहिद अफरीदी , कामरान अकमल पर तीस-तीस लाख और उमर अकमल पर बीस लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इन तीनों को अनुशासनहीनता के लिए आखिरी चेतावनी दी गई है। इन तीनों को छह माह के लिए प्रोबेशन पीरियड पर भी रखा गया है।
सिडनी टेस्ट में कामरान अकमल ने कई आसान कैच छोड़े। पाकिस्तानी टीम पर मैच फिक्सिंग के भी आरोप लगे थे। नतीजा टीम मैनेजमेंट ने एक प्रेस रिलीज के जरिए उन्हें होबार्ट में खेले जाने वाले आखिरी टेस्ट से बाहर रहने की बात कही। लेकिन फिर भी अकमल मीडिया से बार-बार ये कहते रहे कि वो आखिरी टेस्ट खेल रहे हैं। जबकि उनके भाई उमर ने अनफिट होने का बहाना बनाया था। पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पाकिस्तान को 3 टेस्ट मैच , पांच वनडे और एक टी- 20 मैच में हार का सामना करना पड़ा था।
पाक क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक ने कमेटी के गठन पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि कमेटी के पांच सदस्य तो बोर्ड के ही सदस्य थे। ये कोई स्वतंत्र कमेटी नहीं थी। एक मात्र सदस्य जो बाहर से थे वो थे वसीम अकरम लेकिन वो कभी कमेटी की बैठक में गए ही नहीं तो इसके फैसले पर सवाल उठना लाजिमी है। पीसीबी के मीडिया मैनेजर नदीम सर्वर ने कहा कि अगर ये खिलाड़ी चाहें तो सजा के खिलाफ अपील कर सकते हैं। उनके पास चेयरमैन के पास अपील का अधिकार बचा है। नदीम ने कहा कि इस सजा का मैच फिक्सिंग से कोई लेना-देना नहीं है। हमने सिर्फ टीम में बढ़ती अनुशासनहीनता को कंट्रोल करने के लिए ये कदम उठाया है।
पूर्व कप्तान रमीज राजा ने कहा कि खिलाड़ियों को सजा दिए जाने के पीछे अनुशासनहीनता ही एक मात्र कारण बताया जा रहा है। अनुशासनहीनता पर किसी खिलाड़ी के खिलाफ ऐसी सजा बहुत कड़ी है। आमिर सुहैल ने कहा कि मैंने सजा के बारे में सुना है लेकिन इसका कारण क्या है ये मैं नहीं जानता।
पत्रकार दानियल हसन ने कहा कि हाल ही में आईसीसी ने पीसीबी को दो क्रिकेटरों के नाम दिए थे जो मैच फिक्सिंग में शामिल थे। आईसीसी चाहती थी कि पीसीबी इन दोनों पर आजीवन प्रतिबंध लगाए। अब लग रहा है कि कहीं ये दोनों खिलाड़ी मोहम्मद यूनुस और यूनिस खान ही तो नहीं हैं।
सूत्रों की मानें तो अनुशासनहीनता की सजा के नाम पर दरअसल पाकिस्तानी क्रिकेटरों को मैच फिक्सिंग की सजा दी जा रही है। असली खेल मैच फिक्सिंग का ही है। अकमल बंधुओं और राणा नवेद पर पाकिस्तानी मीडिया में फिक्सिंग के आरोप लग रहे हैं। जाहिर है अगर मैच फिक्सिंग कह कर पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड के अफसर अपने खिलाड़ियों को सजा देते हैं तो पूरी दुनिया में पाकिस्तान का नाम खराब होगा। इसके अलावा मैच फिक्सिंग को कोर्ट में साबित करना काफी मुश्किल होता है। यही वजह है कि पीसीबी ने अनुशासनहीनता का बहाना बनाया जबकि पूरी दुनिया में शायद की अनुशासनहीनता पर किसी भी खिलाड़ी को उसके देश ने इतनी बड़ी सजा दी हो।
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