वाराणसी (ब्यूरो)। काशी की सदियों पुरानी परंपराओं के बीच इस बार 'मसाने की होली' को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मोक्ष तीर्थ मणिकर...
वाराणसी (ब्यूरो)। काशी की सदियों पुरानी परंपराओं के बीच इस बार 'मसाने की होली' को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मोक्ष तीर्थ मणिकर्णिका घाट के अधिपति डोमराजा परिवार ने चिता भस्म से होली खेलने की परंपरा की कड़ी निंदा करते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। डोमराजा परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस आयोजन को नहीं रोका, तो वे मणिकर्णिका घाट पर शवों को मुखाग्नि देना बंद कर देंगे।
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| Purvanchal Samachar |
प्रशासन की लापरवाही पर डोम परिवार का अल्टीमेटम
अपने आवास पर पत्रकारों से रूबरू होते हुए डोमराजा परिवार के सदस्य विश्वनाथ चौधरी और अजय शर्मा (काशी करवट) ने इस परंपरा के बढ़ते स्वरूप पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने दोटूक कहा कि अगर मसान घाट पर भारी भीड़ जुटती है और चिता भस्म की होली खेली जाती है, तो यह जिला प्रशासन की सीधी लापरवाही मानी जाएगी।
मुखाग्नि रोकने की दी धमकी
डोम परिवार का तर्क है कि श्मशान की गरिमा और शांति को इस आयोजन से ठेस पहुँच रही है। विरोध स्वरूप उन्होंने घोषणा की है कि आयोजन वाले दिन डोम परिवार चिता में आग देना बंद कर देगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस कदम से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
