वाराणसी। काशी के पक्के महाल की गलियों में शुमार और पूर्वांचल के सबसे बड़े थोक बाजार 'दालमंडी' के दिन अब बहुरने वाले हैं। लंबे इंतजा...
वाराणसी। काशी के पक्के महाल की गलियों में शुमार और पूर्वांचल के सबसे बड़े थोक बाजार 'दालमंडी' के दिन अब बहुरने वाले हैं। लंबे इंतजार के बाद सोमवार से प्रशासन ने चिह्नित भवनों के ध्वस्तीकरण का अभियान छेड़ दिया है। पीडब्ल्यूडी की टीम ने सोमवार सुबह से ही प्रभावित इलाकों में मुनादी कराकर चिह्नित दुकानों और मकानों को खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया।
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| Purvanchal Samachar |
27 मार्च से फिर से ध्वस्तिकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। 650 मीटर लंबी इस सड़क को 17 मीटर तक चौड़ा करने का लक्ष्य है, जिससे दशकों पुरानी संकरी गलियों की समस्या का अंत होगा।
रजिस्ट्री की प्रक्रिया तेज, 186 भवनों पर 'निशान'
पीडब्ल्यूडी ने दालमंडी की इस संकरी गली में कुल 186 भवनों को चिह्नित किया है। चौक थाने में बने विशेष कैंप कार्यालय में भवन स्वामियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। अब तक 40 से अधिक संपत्तियों की रजिस्ट्री विभाग के नाम हो चुकी है। ध्वस्तीकरण के साथ ही यहाँ सालों पुराने जर्जर ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम को भी जड़ से उखाड़कर नया स्वरूप दिया जाएगा। नई ब्रांच लाइन बिछाने से जल निकासी की जटिल समस्या से व्यापारियों को हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
हजारों करोड़ के कारोबार को मिलेगी 'ऑक्सीजन'
बता दें कि दालमंडी केवल एक गली नहीं, बल्कि पूर्वांचल की आर्थिक धुरी है, कमर्शियल एक्टिविटी बढ़ने के बाद यहाँ आवागमन दूभर हो गया था। चौड़ीकरण के बाद न केवल डक्ट बनाए जाएंगे, बल्कि सांकेतिक बोर्ड और आधुनिक स्ट्रीट लाइटिंग से इस पूरे इलाके का कायाकल्प होगा। प्रशासन की इस सख्ती और सक्रियता को देखते हुए अब दालमंडी के व्यापारियों ने भी विकास की इस नई राह में सहयोग करना शुरू कर दिया है।
