वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित काशी आगमन की तैयारियों के बीच गुरुवार को शहर की सफाई व्यवस्था अचानक चरमरा गई। पिछले दो महीन...
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित काशी आगमन की तैयारियों के बीच गुरुवार को शहर की सफाई व्यवस्था अचानक चरमरा गई। पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने से आक्रोशित सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी, जिससे 'डोर-टू-डोर' कूड़ा उठान का पहिया पूरी तरह थम गया। शहर के कई प्रमुख मोहल्लों में सुबह से ही गंदगी के अंबार नजर आने लगे, जिससे स्थानीय नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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| Purvanchal Samachar |
नगर निगम ने पीएम के दौरे के मद्देनजर गुरुवार से ही विशेष सफाई अभियान का आगाज किया था, लेकिन अभियान के पहले ही दिन कर्मचारियों के गुस्से ने नगर निकाय की योजनाओं पर पानी फेर दिया। वाराणसी वेस्ट सॉल्यूशन के सफाई कर्मियों ने सारनाथ, भेलूपुर, बेनियाबाग और पीलीकोठी स्थित पार्किंग स्थलों पर अपनी मांगों को लेकर धरना दिया और नारेबाजी की।
हड़ताल की सूचना मिलते ही नगर निगम के उच्च अधिकारियों में खलबली मच गई। आनन-फानन में अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि अगले 24 घंटों के भीतर उनका बकाया वेतन जारी कर दिया जाएगा। प्रशासन के इस ठोस आश्वासन के बाद बेनिया, सारनाथ और भेलूपुर में कर्मचारी काम पर वापस लौट आए हैं।
