वाराणसी। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक भव्यता में जल्द ही एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। वाराणसी नगर निगम शहर...
वाराणसी। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक भव्यता में जल्द ही एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। वाराणसी नगर निगम शहर के विकास के लिए कुछ बेहद महत्वाकांक्षी कार्ययोजनाओं पर काम कर रहा है। इसी कड़ी में भेलूपुर (कमच्छा) स्थित ब्रिटिश काल के ऐतिहासिक जलकल परिसर की खाली भूमि को एक बेहद भव्य और विश्वस्तरीय (वर्ल्ड क्लास) 'अर्बन पार्क' के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। नगर निगम की ओर से इस मेगा प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी मिल चुकी है।
![]() |
| Purvanchal Samachar |
इस वर्ल्ड क्लास पार्क की सबसे बड़ी और मुख्य खासियत इसके ठीक बीचों-बीच स्थापित होने वाला अलौकिक 130 फीट ऊंचा भव्य शिवलिंग है, जो पूरी दुनिया में काशी की एक नई और विशिष्ट पहचान बनेगा। जानकारों का दावा है कि निर्माण पूरा होने के बाद यह आकार में विश्व का सबसे ऊंचा शिवलिंग होगा। आपको बता दें कि वर्तमान में दुनिया का सबसे बड़ा और ऊंचा अखंड (एक ही विशाल पत्थर को तराशकर बना) शिवलिंग बिहार राज्य के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के कैथवलिया में स्थित 'विराट रामायण मंदिर' में स्थापित है, जिसकी ऊंचाई 33 फीट और वजन तकरीबन 210 मीट्रिक टन है। अब काशी में बनने वाला यह नया शिवलिंग ऊंचाई के मामले में इस रिकॉर्ड को बहुत पीछे छोड़ देगा।
यह पूरा प्रोजेक्ट जलकल परिसर की लगभग 20 एकड़ की विस्तृत और कीमती भूमि पर धरातल पर उतारा जाएगा। इसके निर्माण पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम लागत आने का अनुमान है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस अर्बन पार्क को आधुनिक सुख-सुविधाओं और हरियाली से लबरेज़ किया जाएगा, जहाँ अध्यात्म के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस भव्य शिवलिंग की स्थापना और पार्क के निर्माण को लेकर नगर निगम प्रशासन ने जमीनी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं, जिससे आने वाले समय में देश-दुनिया से काशी आने वाले शिवभक्तों को एक और अद्भुत आस्था का केंद्र देखने को मिलेगा।
