गाजीपुर: जनपद के ग्राम दलसागर में स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की उपेक्षा का एक अनोखा मामला सामने आया है। गांव में दुर्गा याद...
गाजीपुर: जनपद के ग्राम दलसागर में स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की उपेक्षा का एक अनोखा मामला सामने आया है। गांव में दुर्गा यादव व लल्लन गुप्ता के घर के सामने से गुजर रही पीडब्ल्यूडी की पक्की (पिच) सड़क पिछले दो महीनों से भीषण जलजमाव की चपेट में थी। नाली की निकासी व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर करीब 50 फीट लंबा और डेढ़ फीट गहरा पानी भरा हुआ था, जिससे राहगीरों और ग्रामीणों का निकलना दुभर हो गया था। आखिरकार, प्रशासनिक मदद न मिलने पर ग्रामीणों और गांव के युवाओं ने खुद बीड़ा उठाया और श्रमदान कर मार्ग को दुरुस्त कर दिया।
दो महीने से नारकीय जीवन जीने को मजबूर थे ग्रामीण
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जल निकासी के लिए नाली का निर्माण न होने से बारिश और घरों का पानी सीधे मुख्य सड़क पर इकट्ठा हो रहा था। गहरा पानी होने की वजह से आए दिन राहगीर और बाइक सवार उसमें गिरकर चोटिल हो रहे थे। रास्ता पूरी तरह बाधित होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त था और लोग रोजाना समस्याओं का सामना करने को मजबूर थे।
मनोज कुमार यादव की अध्यक्षता में हुआ श्रमदान
समस्या का कोई प्रशासनिक समाधान न निकलता देख सोमवार सुबह ग्रामीणों ने एकजुट होकर स्वयं रास्ता ठीक करने का निर्णय लिया। मनोज कुमार यादव की अध्यक्षता में गांव के लोग और युवा शक्ति मैदान में उतरी। ग्रामीणों ने आपस में सहयोग कर सड़क पर चार ट्रॉली ईंट और दो ट्रॉली राबिश (ईंट का मलबा/सुरखी) गिरवाया।
इसके बाद युवाओं ने कड़ी धूप में श्रमदान करते हुए पूरे जलभराव वाले 50 फीट लंबे क्षेत्र में ईंटें बिछाईं और उसके ऊपर राबिश डालकर रास्ते को बनाया, जिससे अब लोगों का आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो सका है।
गांव के युवाओं और ग्रामीणों का रहा सराहनीय योगदान
इस जनहित के कार्य में गांव के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रमदान और इस मुहीम को सफल बनाने में मुख्य रूप से अनुराग उपाध्याय, सुरेंद्र राम, मनोज उपाध्याय, रमेश यादव, गौरी शंकर, अभिषेक, कन्हैया, आकाश, राहुल, मुनेंद्र और गोपाल सहित भारी संख्या में स्थानीय लोगों ने अपना सराहनीय योगदान दिया। ग्रामीणों की इस सामूहिक पहल की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।
