मऊ। जनपद के दोहरीघाट नगर पंचायत क्षेत्र में गुरुवार की दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक जल निगम की ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया। युव...
मऊ। जनपद के दोहरीघाट नगर पंचायत क्षेत्र में गुरुवार की दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक जल निगम की ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया। युवक गांव के निलंबित राशन कोटे को बिना उचित जांच के पुनः बहाल किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहा था और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़ा हुआ था। करीब तीन घंटे तक चले भारी हाई-वोल्टेज ड्रामे और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच के ठोस आश्वासन के बाद युवक को सकुशल नीचे उतारा जा सका।
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| Purvanchal Samachar |
टंकी पर चढ़ने वाले युवक की पहचान ग्राम तारनपुर निवासी हिमांशु चौहान (पुत्र अवधेश चौहान) के रूप में हुई है। गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे युवक के पानी की टंकी पर चढ़ने की खबर जैसे ही फैली, मौके पर स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ जुट गई। युवक टंकी के ऊपर से लगातार नीचे कूदकर जान देने की चेतावनी दे रहा था, जिससे नगर पंचायत प्रशासन, पुलिस विभाग और उसके परिजनों की सांसें अटक गईं।
घटतौली और भ्रष्टाचार के आरोप पर बहाल हुआ था कोटा
युवक हिमांशु चौहान का आरोप है कि गांव की कोटेदार (जो वर्तमान ग्राम प्रधान के भाई की पत्नी है) लंबे समय से कार्डधारकों के राशन वितरण में घटतौली और अनियमितता कर रही थी। ग्रामीणों द्वारा इस भ्रष्टाचार के वीडियो साक्ष्य के साथ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर आपूर्ति विभाग ने संबंधित कोटे को निलंबित कर दिया था। हालांकि, हिमांशु का दावा है कि विभागीय अधिकारियों ने बिना किसी ठोस व निष्पक्ष जांच के राजनीतिक दबाव में आकर उक्त निलंबित कोटे को दोबारा बहाल कर दिया, जिससे क्षुब्ध होकर उसे यह कदम उठाना पड़ा।
तहसीलदार और सप्लाई इंस्पेक्टर के आश्वासन पर उतरा नीचे
घटना की सूचना मिलते ही स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घोसी के तहसीलदार अनीश कुमार और सप्लाई इंस्पेक्टर अमित कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मोबाइल फोन के माध्यम से टंकी पर मौजूद हिमांशु से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने युवक को आश्वस्त किया कि कोटे की बहाली और घटतौली के आरोपों की नए सिरे से निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। अधिकारियों ने उसे घोसी तहसील कार्यालय आकर अपना आधिकारिक बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया। प्रशासनिक आश्वासन मिलने के बाद करीब 3 घंटे बाद युवक सुरक्षित नीचे उतर आया। हालांकि, उसने चेतावनी दी है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला और निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वह दोबारा बड़ा कदम उठाने के लिए बाध्य होगा।
