वाराणसी: धर्म और अध्यात्म की पावन नगरी काशी में भक्ति और संगीत का एक अद्भुत और भव्य संगम देखने को मिला। 36वीं वाहिनी पीएसी (PAC) के सुसज्जित...
वाराणसी: धर्म और अध्यात्म की पावन नगरी काशी में भक्ति और संगीत का एक अद्भुत और भव्य संगम देखने को मिला। 36वीं वाहिनी पीएसी (PAC) के सुसज्जित ब्रास बैंड ने महंत आवास से लेकर श्री काशी विश्वनाथ धाम तक अपनी सुरीली और ओजस्वी प्रस्तुति से पूरे माहौल को शिवमय बना दिया। पीएसी बैंड द्वारा प्रस्तुत की गई शिव भजनों और स्तुतियों की मनमोहक धुनों पर काशीवासी और दूर-दराज से आए श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबकर झूमते नजर आए।
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| Purvanchal Samachar |
'ॐ नमः शिवाय' और 'महादेव आएंगे' की गूंज से भक्तिमय हुआ मार्ग
पीएसी बैंड के जवानों ने पारंपरिक और आधुनिक वाद्ययंत्रों के समन्वय से जैसे ही 'ॐ नमः शिवाय' और प्रसिद्ध भजन 'महादेव आएंगे' की मधुर धुनें छेड़ीं, पूरा धाम मार्ग हर-हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। महंत आवास से शुरू होकर काशी विश्वनाथ धाम तक निकले इस संगीतमय सफर के दौरान मार्ग के दोनों ओर खड़े श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों ने तालियां बजाकर जवानों का उत्साहवर्धन किया।
अनुशासन और भक्ति का दिखा बेजोड़ तालमेल
पीएसी के जवानों ने उत्कृष्ट वादन कौशल और अनुशासन का परिचय देते हुए भगवान शिव के विभिन्न भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। सुरक्षा और सेवा के साथ-साथ जवानों के इस आध्यात्मिक व सांस्कृतिक स्वरूप ने सभी का दिल जीत लिया। धाम परिसर में पहुंचते ही संगीतमय लहरियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे विश्वनाथ कॉरिडोर का कोना-कोना दिव्यता से भर गया।
