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अब 7839860411 पर व्हाट्सएप करें और बिना नाम बताए दें अपराध की सूचना, पुलिस ने शुरू किया 'सतर्क मित्र' बॉट

पुलिस सतर्क मित्र (वाराणसी) : पूर्वांचल में आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने एक अभिनव तकनीकी कदम उठाया है। वाराणसी जोन के 9 ...

पुलिस सतर्क मित्र (वाराणसी) : पूर्वांचल में आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने एक अभिनव तकनीकी कदम उठाया है। वाराणसी जोन के 9 जिलों में 'पुलिस सतर्क मित्र' नाम से एक व्हाट्सएप बॉट (नंबर: 7839860411) लॉन्च किया गया है। इसके जरिए कोई भी व्यक्ति किसी भी अवैध गतिविधि की गोपनीय सूचना बिना अपनी पहचान उजागर किए सीधे पुलिस तक पहुंचा सकता है।
अब 7839860411 पर व्हाट्सएप करें और बिना नाम बताए दें अपराध की सूचना, पुलिस ने शुरू किया 'सतर्क मित्र' बॉट, photo
पुलिस सतर्क मित्र
जोनल एडीजी पीयूष मोर्डिया ने शुक्रवार को छावनी स्थित जोन कार्यालय में बताया कि यह सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय है। "इस Whatsapp Bot बॉट के माध्यम से दी गई सूचना देने वाले की पहचान कहीं से भी उजागर नहीं होगी। हमारे पास भी उसका नंबर तक नहीं पहुंच सकता। यह व्यवस्था आम नागरिकों के लिए पुलिस के साथ सहयोग का एक सुरक्षित पुल है," मोर्डिया ने कहा।

पुलिस सतर्क मित्र Whatsapp Number, कैसे दें सूचना?

नागरिक इस बॉट नंबर (7839860411) को अपने फोन में 'पुलिस सतर्क मित्र' के नाम से सेव कर सकते हैं। सूचना देने के लिए आप:
1. सीधे इस नंबर पर व्हाट्सएप मैसेज कर सकते हैं।
2. दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर सीधे चैट विंडो में पहुंच सकते हैं।
3. विकल्पों के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
सूचना टेक्स्ट, फोटो, वीडियो या ऑडियो नोट के रूप में साझा की जा सकती है।

किन अपराधों की दे सकते हैं जानकारी?

इस बॉट के माध्यम से पशु तस्करी, अवैध शराब व मादक पदार्थों का कारोबार, अवैध हथियार, महिला एवं बाल अपराध, जबरन धर्म परिवर्तन, अवैध खनन सहित किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की गोपनीय सूचना दी जा सकती है।

यूपी का पहला जोन

एडीजी मोर्डिया ने बताया कि इस तकनीक को सबसे पहले डीआईजी वैभव कृष्ण ने विकसित कराया था। चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर रेंज में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था, जिसके सार्थक परिणाम सामने आए और कई अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई हुई। अब इसे वाराणसी जोन के सभी 9 जिलों में लागू किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में यह सुविधा शुरू करने वाला वाराणसी पहला जोन है।