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गाजीपुर: चिलचिलाती धूप में राहगीरों को मिलेगी 'शीतल' राहत; नगर पालिका ₹33 लाख की लागत से 11 प्रमुख स्थलों पर लगाएगी वाटर कूलर

गाजीपुर। भीषण गर्मी की आहट के साथ ही नगर पालिका प्रशासन ने आमजन और राहगीरों को बड़ी राहत देने की तैयारी पूरी कर ली है। शहर के सार्वजनिक स्थल...

गाजीपुर। भीषण गर्मी की आहट के साथ ही नगर पालिका प्रशासन ने आमजन और राहगीरों को बड़ी राहत देने की तैयारी पूरी कर ली है। शहर के सार्वजनिक स्थलों पर शुद्ध और शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर पालिका परिषद द्वारा ₹33 लाख का बजट आवंटित किया गया है, जिसके माध्यम से शहर के 11 चिन्हित स्थानों पर आधुनिक वाटर कूलर स्थापित किए जाएंगे।

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50 हजार लोगों को मिलेगी नि:शुल्क पेयजल की सुविधा

प्रशासनिक अनुमान के अनुसार, इस पहल से प्रतिदिन लगभग 50 हजार लोग लाभान्वित होंगे। गौरतलब है कि गाजीपुर शहर में आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में लोग बैंक, कचहरी, स्वास्थ्य सुविधाओं और बाजार संबंधी कार्यों के लिए आते हैं। विशेषकर गरीब तबके के लोगों के लिए चिलचिलाती धूप में बोतलबंद पानी खरीदना आर्थिक बोझ साबित होता है। नगर पालिका की इस कवायद से अब राहगीरों को जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी।


टेंडर प्रक्रिया , इन प्रमुख स्थलों पर लगेंगे वाटर कूलर

नगर पालिका प्रशासन के अनुसार, टेंडर की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा चुका है और धरातल पर कार्य शुरू करने की तैयारी है। जिन प्रमुख स्थानों को इस योजना के लिए चुना गया है, उनमें शामिल हैं:


  • व्यावसायिक एवं प्रशासनिक केंद्र: महुआबाग, विकास भवन चौराहा, और टाउनहाल।
  • यातायात एवं सार्वजनिक स्थल: रेलवे स्टेशन, झुन्नूलाल चौराहा और गांधी पार्क।
  • आवासीय एवं अन्य क्षेत्र: गोईजीतर, मुस्तफाबाद, और शास्त्री नगर।


संपादकीय दृष्टिकोण: जन-सुविधा की दिशा में सराहनीय कदम

एक वरिष्ठ पत्रकार के नजरिए से देखा जाए तो, शहरी विकास केवल सड़कों और लाइटों तक सीमित नहीं है, बल्कि बुनियादी सुविधाएं जैसे 'शुद्ध पेयजल' प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाती हैं। भीषण गर्मी में प्यास बुझाने के लिए की जा रही यह व्यवस्था न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से सुरक्षित है, बल्कि सामाजिक न्याय का भी एक हिस्सा है जहाँ संसाधनों पर हर वर्ग का समान अधिकार सुनिश्चित होता है।