गाजीपुर (ब्यूरो)। महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा आयोजित एक दिवसीय युवा सम्मेलन मे...
गाजीपुर (ब्यूरो)। महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा आयोजित एक दिवसीय युवा सम्मेलन में राष्ट्र निर्माण का संकल्प गूँजा। मुख्य वक्ता के रूप में क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख (पूर्वी उत्तर प्रदेश) मिथलेश जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की युवा शक्ति में वह असीम क्षमता है, जो देश को पुनः 'विश्वगुरु' के पद पर प्रतिष्ठित कर सकती है।
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| Purvanchal Samachar |
संघ के 100 वर्ष और 'पंच परिवर्तन' का रोडमैप
संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के विजन का उल्लेख करते हुए मिथलेश जी ने बताया कि संघ अपने शताब्दी वर्ष में 'पंच परिवर्तन' के माध्यम से समाज को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने इन पांच स्तंभों पर जोर दिया:
- स्वबोध: अपनी संस्कृति और गौरव का ज्ञान।
- नागरिक कर्तव्य: समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी।
- पर्यावरण संरक्षण: प्रकृति के साथ तालमेल।
- सामाजिक समरसता: ऊंच-नीच के भेदभाव का अंत।
- कुटुंब प्रबोधन: पारिवारिक एकता और मूल्यों की रक्षा।
- मेडिकल छात्रों से संवाद: निस्वार्थ सेवा ही असली राष्ट्रभक्ति
सम्मेलन में मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं की भारी उपस्थिति रही। मिथलेश जी ने कहा कि यदि युवा पीढ़ी स्वार्थ से ऊपर उठकर कर्तव्यबोध को आत्मसात करे, तो 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने भी युवाओं से परिवार और समाज में समरसता बनाए रखने की अपील की।
इन गणमान्य जनों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस वैचारिक समागम में संघ के कई प्रमुख पदाधिकारी और स्थानीय प्रबुद्ध जन मौजूद रहे। सम्मेलन में मुख्य रूप से:
- प्रभात जी (जिला प्रचारक)
- अंजनी जी (नगर कार्यवाह)
- विक्रम जी (नगर प्रचारक)
- ब्रिजकिशन जी (जिला विद्यार्थी प्रमुख)
इनके साथ ही मेडिकल कॉलेज के प्राध्यापक, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य व्यक्ति इस वैचारिक विमर्श के साक्षी बने।
