वाराणसी। चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर गुरुवार को बाबा विश्वनाथ की नगरी अपने आराध्य के आञ्जनेय हनुमान जी के जन्मोत्सव के उल्लास में सरा...
वाराणसी। चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर गुरुवार को बाबा विश्वनाथ की नगरी अपने आराध्य के आञ्जनेय हनुमान जी के जन्मोत्सव के उल्लास में सराबोर रही। ब्रह्ममुहूर्त से ही समूची काशी 'जय श्रीराम' और 'जय हनुमान' के जयघोष से गुंजायमान हो उठी। क्या शहर और क्या देहात, हर ओर केसरिया ध्वज लहराते नजर आए। मंदिरों में प्रभु के प्राकट्य पर मंगल सोहर गूंजे, तो वहीं भक्तों ने सुंदरकांड और चालीसा पाठ से हनुमत लला को रिझाया।
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| Purvanchal Samachar |
सुंदरपुर से संकटमोचन तक उमड़ा श्रद्धा का समंदर
वाराणसी में इस बार सबसे भव्य नजारा सुंदरपुर से संकटमोचन मंदिर तक निकाली गई 'विशाल ध्वज यात्रा' में दिखा। डमरू दल की थाप और शंखों की गर्जना के बीच करीब 40 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने एक लाख से अधिक ध्वज थामकर पदयात्रा की। इस यात्रा में श्रीराम-शिव दरबार और बाबा के गणों की मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। 51 महिलाओं ने भव्य आरती उतारी, जबकि 1200 से अधिक गदाधारी भक्त शौर्य का प्रदर्शन करते हुए चले। मसाननाथ की झांकी ने भी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पूर्वांचल के कोनों में गूंजी भक्ति की गूंज
भक्ति का यह सैलाब केवल काशी तक सीमित नहीं रहा। पूर्वांचल के गाजीपुर, जौनपुर और भदोही के ग्रामीण अंचलों में भी हनुमान जयंती की भारी धूम रही। जौनपुर के केराकत और गाजीपुर के क्षेत्रों में प्रभात फेरियां निकाली गईं, काशी में धर्मसंघ से निकली 15 दिवसीय प्रभातफेरी की पूर्णाहुति पर संकटमोचन दरबार में रजत ध्वज अर्पित कर लोक-कल्याण की कामना की गई।

