वाराणसी। धर्मनगरी काशी की प्राचीन लोक परंपराओं का अद्भुत नजारा रविवार को मैदागिन स्थित सप्तसागर दवा मंडी में देखने को मिला। यहाँ आयोजित भव्य...
वाराणसी। धर्मनगरी काशी की प्राचीन लोक परंपराओं का अद्भुत नजारा रविवार को मैदागिन स्थित सप्तसागर दवा मंडी में देखने को मिला। यहाँ आयोजित भव्य 'करहा पूजन' और भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उस वक्त अचंभित रह गई, जब भानी भगत ने खौलते दूध और धधकती आग के बीच अपनी अटूट आस्था का परिचय दिया। इस चमत्कारिक दृश्य को देख हर कोई दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो गया।
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| Purvanchal Samachar |
भानी भगत का हैरतअंगेज चमत्कार और भक्ति
सप्तसागर दवा मंडी में आयोजित इस पूजन के मुख्य आकर्षण भानी भगत रहे। उन्होंने पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजन के उपरांत कड़ाही में उबलते हुए दूध से बनी खीर से स्नान किया। इतना ही नहीं, भगत ने धधकती आग के बीच प्रवेश कर उपस्थित जनसमूह को यह सोचने पर विवश कर दिया कि ईश्वर के प्रति समर्पण से असंभव कार्य भी सुगम हो जाते हैं। स्थानीय व्यापारियों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ पूरे परिसर को भक्तिमय कर दिया।
कन्या पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन
करहा पूजन की विस्मयकारी रस्मों के समापन के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कन्या पूजन किया गया। इसके पश्चात आयोजित विशाल भंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह परंपरा सुख-शांति और व्यापारिक समृद्धि की कामना के लिए वर्षों से चली आ रही है।
