गाजीपुर। जनपद के सैदपुर ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह यादव पर पिछले दिनों हुए कथित प्राणघातक और दुस्साहसिक हमले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों...
गाजीपुर। जनपद के सैदपुर ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह यादव पर पिछले दिनों हुए कथित प्राणघातक और दुस्साहसिक हमले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में आक्रोश की आग लगातार सुलगती जा रही है. इस जघन्य घटना के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित करने और पीड़ित जनप्रतिनिधि को संबल देने के लिए 'अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा' गाजीपुर का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल सैदपुर पहुंचा. महासभा के कार्यकारी जिलाध्यक्ष रामज्ञान यादव के नेतृत्व में पहुंचे तमाम पदाधिकारियों ने ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह यादव के पैतृक आवास पर उनसे मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली. प्रतिनिधिमंडल ने इस कायरतापूर्ण हमले पर गहरा दुख और तीव्र आक्रोश व्यक्त करते हुए जिला व पुलिस प्रशासन से हमलावरों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक दबाव के कठोर और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
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| Purvanchal Samachar |
प्रतिनिधिमंडल में शामिल यादव महासभा के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य एवं उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व डीआईजी (DIG) बलिकरन सिंह यादव ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए. पूर्व डीआईजी ने कहा कि किसी निर्वाचित और लोकप्रिय जनप्रतिनिधि पर सरेआम इस प्रकार का जानलेवा हमला किया जाना केवल एक व्यक्ति विशेष पर हमला नहीं है, बल्कि यह हमारी पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था, जनता के सामूहिक विश्वास और कानून के इकबाल पर एक सीधा व क्रूर प्रहार है. उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समाज में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो आम नागरिकों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े होना पूरी तरह स्वाभाविक है।
विषाक्त राजनीति और अपराधियों के बढ़ते हौसलों पर चिंता
पूर्व डीआईजी बलिकरन सिंह यादव ने आगे कहा कि वर्तमान समय में स्थानीय स्तर पर राजनीति का स्वरूप इतना विषाक्त और हिंसक होता जा रहा है कि जनसेवा का संकल्प लेकर आगे बढ़ने वाले जनप्रतिनिधि भी खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस करने लगे हैं. यह खतरनाक स्थिति किसी भी सभ्य और लोकतांत्रिक समाज के लिए कतई शुभ संकेत नहीं है. उन्होंने आगाह किया कि यदि अपराधियों के हौसले इसी तरह बढ़ते रहे और पुलिस ने समय रहते उनके खिलाफ ऐसी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जो नजीर बने, तो पूरे समाज में अराजकता और भय का माहौल पैदा हो जाएगा. कानून का डर समाप्त होने से हमारी सामाजिक संरचना और लोकतांत्रिक मूल्यों को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी।
कार्रवाई न होने पर व्यापक आंदोलन की दी चेतावनी
इस वैचारिक मुहिम में शामिल यादव महासभा एवं पिछड़ा-दलित महासंघ गाजीपुर के जिलाध्यक्ष सुजीत ‘साइकिल’ ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह यादव से लंबी बातचीत की. उन्होंने घटना की तीखी भर्त्सना करते हुए हीरा सिंह यादव को आश्वासन दिया कि पूरा पिछड़ा और दलित समाज हर विपरीत परिस्थिति में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर मजबूती से खड़ा है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा, बाहुबल और भय के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए. राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन किसी के जीवन पर हमला करना सभ्य समाज के माथे पर कलंक है।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में पूर्व डीआईजी बलिकरन सिंह यादव, कार्यकारी जिलाध्यक्ष रामज्ञान सिंह यादव, बार काउंसिल के अध्यक्ष व महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष रामयश यादव, शिवपूजन यादव, जिला मार्गदर्शक छोटेलाल यादव, सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव तथा महासचिव अभयनाथ यादव सहित दर्जनों वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहे. यादव महासभा ने दोटूक शब्दों में जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस जानलेवा हमले की निष्पक्ष जांच कर मुख्य साजिशकर्ताओं और शूटरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर उतरकर एक व्यापक जन-आंदोलन शुरू करने के लिए विवश होगा।
