वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'इको-फ्रेंडली और ग्रीन ट्रांसपोर्ट' के सपने को धरातल पर उतारने के लिए धर्म नगरी काशी में पब्लि...
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'इको-फ्रेंडली और ग्रीन ट्रांसपोर्ट' के सपने को धरातल पर उतारने के लिए धर्म नगरी काशी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की एक बेहद आधुनिक व सुलभ सुविधा शुरू होने जा रही है। वाराणसी नगर निगम और वाराणसी स्मार्ट सिटी के संयुक्त तत्वावधान में जल्द ही शहर में 'पब्लिक बाइक शेयरिंग' कॉन्सेप्ट के तहत 'स्मार्ट ई-बाइक' व आधुनिक ई-साइकिल सेवा की शुरुआत की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है, जिसे आगामी 1 अगस्त 2026 से आधिकारिक तौर पर आम जनता और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इस सेवा के शुरू होने से न सिर्फ यातायात सुगम होगा, बल्कि काशी की आबोहवा भी शुद्ध और प्रदूषण मुक्त रहेगी।
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| Purvanchal Samachar |
वाराणसी स्मार्ट सिटी के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) शाकम्भरी नंदन ने परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस सेवा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पूरे शहर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अलग-अलग जगहों पर कुल 18 विशेष स्टेशन (पार्किंग हब) बनाए जा रहे हैं। इस पूरी योजना को दो चरणों में अमलीजामा पहनाया जाएगा। पहले चरण के अंतर्गत चलाई जाने वाली स्मार्ट ई-साइकिलों की पहली खेप वाराणसी पहुंच चुकी है, जिसे स्थानीय स्तर पर मॉडिफाई करने का काम तेजी से किया जा रहा है। 1 अगस्त से शुरुआत के बाद काशी आने वाले लाखों श्रद्धालु, घाटों और तंग गलियों के आसपास एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए इस बजट-फ्रेंडली सेवा का आनंद ले सकेंगे।
GPS ट्रैकिंग और कमांड सेंटर से होगी सुरक्षा निगरानी
सुरक्षा और प्रबंधन के लिहाज से ये सभी ई-बाइक और साइकिलें अत्याधुनिक ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) से पूरी तरह लैस होंगी। जीपीएस ट्रैकिंग के जरिए प्रत्येक वाहन की पल-पल की सटीक लोकेशन वाराणसी स्मार्ट सिटी के मुख्य कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के पास उपलब्ध रहेगी, जिससे चोरी या दुरुपयोग की कोई गुंजाइश नहीं होगी।
मोबाइल ऐप और QR कोड से अनलॉक होगी सवारी
इस सेवा का लाभ उठाने की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली रखा गया है। काशीवासी या पर्यटक शहर में बने किसी भी 18 स्टेशन पर जाकर अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ई-बाइक या साइकिल पर लगे QR कोड को स्कैन करेंगे। स्कैन करते ही मोबाइल स्क्रीन पर कुछ बुनियादी जानकारियां और ऑनलाइन पेमेंट (किराया) का विकल्प आएगा। भुगतान की प्रक्रिया पूरी होते ही व्हीकल स्वतः अनलॉक हो जाएगा। उपयोगकर्ता अपनी यात्रा पूरी करने के बाद इसे अपने गंतव्य के सबसे नजदीकी किसी भी अन्य स्मार्ट सिटी स्टेशन पर सुरक्षित छोड़ सकते हैं।
