वाराणसी। लेह-लद्दाख में सिंधु नदी के पावन तट पर भव्यता के साथ संपन्न हुए 'सिंधु कुंभ 2026' के सफल समापन के पश्चात ' हिमालय परिव...
वाराणसी। लेह-लद्दाख में सिंधु नदी के पावन तट पर भव्यता के साथ संपन्न हुए 'सिंधु कुंभ 2026' के सफल समापन के पश्चात 'हिमालय परिवार' के प्रबुद्ध जन-प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने काशी का रुख किया। इसी क्रम में संगठन के क्षेत्रीय महामंत्री (काशी क्षेत्र) मुकेश पाण्डेय के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के माननीय कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी जी से शिष्टाचार मुलाकात की। विश्वविद्यालय स्थित कुलपति आवास पर हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को अंगवस्त्र भेंट कर और माल्यार्पण कर उनका विशेष सम्मान किया। इसके साथ ही कुंभ के सफल आयोजन और राष्ट्र सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा भी की गई।
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| Purvanchal Samachar |
यह प्रतिष्ठित आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक एवं हिमालय परिवार के मुख्य संस्थापक आदरणीय डॉ. इंद्रेश कुमार जी के कुशल व मुख्य मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। 'अखंड भारत' और 'सुरक्षित भारत' की मजबूत संकल्पना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कार्यरत संघ वैचारिक संगठन 'हिमालय परिवार' एवं 'सिंधु दर्शन यात्रा समिति' के संयुक्त तत्वाधान में इस वर्ष लेह-लद्दाख की सिंधु नदी के तट पर 'सिंधु कुंभ 2026' का भव्य आयोजन किया गया था। इस वैश्विक कुंभ के ऐतिहासिक समापन सत्र में लेह-लद्दाख के माननीय लेफ्टिनेंट गवर्नर (उपराज्यपाल), भारत के कई राज्यों के माननीय राज्यपाल, 18 देशों के राजनयिक (राजदूत), प्रख्यात आध्यात्मिक कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर जी सहित देश-विदेश के अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों, बौद्ध भिक्षुओं और सनातन संतों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की थी।
सिंधु नदी पूजन का पवित्र अंगवस्त्र किया भेंट, आगामी कार्यक्रमों पर हुई चर्चा
कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी से वार्ता के दौरान हिमालय परिवार के पदाधिकारियों ने सिंधु कुंभ के दौरान वैश्विक मंच पर भारत की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा, सांस्कृतिक एकता और सामरिक महत्व जैसे अंतर्गत महत्वपूर्ण बिंदुओं पर हुए विमर्श की विस्तृत जानकारियां साझा कीं। सम्मान स्वरूप कुलपति महोदय को सिंधु नदी के विशेष पूजन-अर्चन में उपयोग किया गया अत्यंत पवित्र और सिद्ध अंगवस्त्र भी भेंट किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति जी से विश्वविद्यालय परिसर में आगामी राष्ट्रीय और सांस्कृतिक जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय सहयोग और मार्गदर्शन का विशेष निवेदन भी किया, जिस पर कुलपति ने सकारात्मक रुख दिखाया।
हिमालय परिवार के क्षेत्रीय महामंत्री (काशी क्षेत्र) आदरणीय मुकेश पाण्डेय जी ने राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि—
"यह सिंधु कुंभ मात्र एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कश्मीर से लद्दाख तक अखंड भारत की सांस्कृतिक चेतना और सामरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने का एक वैश्विक महाअभियान है। बाबा विश्वनाथ की पावन धरा काशी के शैक्षणिक और आध्यात्मिक गौरव को लद्दाख की सिंधु संस्कृति से जोड़कर हम राष्ट्र निर्माण की इस वैचारिक यात्रा को और अधिक गति प्रदान करेंगे।"
इस गरिमामयी और अनौपचारिक मुलाकात के अवसर पर मुख्य रूप से हिमालय परिवार के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय मिश्रा, काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय महामंत्री मुकेश पाण्डेय सहित संगठन के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
