वाराणसी। जनपद के जैतपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली अशोक विहार कॉलोनी फेज-1 में बुधवार की सुबह एक बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आ...
वाराणसी। जनपद के जैतपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली अशोक विहार कॉलोनी फेज-1 में बुधवार की सुबह एक बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है।
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| Purvanchal Samachar |
यहां स्थित एक रिहायशी फ्लैट में सुबह करीब 11 बजे अचानक भीषण आग लग गई। गनीमत यह रही कि जिस समय यह अग्निकांड हुआ, उस वक्त फ्लैट के भीतर परिवार का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था, जिसके चलते एक बहुत बड़ी जनहानि होने से बाल-बाल बच गई। हालांकि, इस विनाशकारी आग की चपेट में आने से मकान के भीतर रखा गृहस्थी का सारा कीमती सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। सबसे ज्यादा दुखद बात यह है कि मकान मालिक की बेटी की शादी आगामी नवंबर महीने में तय है, जिसके लिए तिनका-तिनका जोड़कर जुटाया गया शादी का सारा कीमती सामान और जेवरात इस आग की भेंट चढ़ गए।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पड़ोसियों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद तत्काल दमकल (फायर ब्रिगेड) विभाग और स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुंची फायर सर्विस की गाड़ी ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। अग्निशमन विभाग का प्रथम दृष्टया अनुमान है कि आग मकान के भीतर बिजली के बोर्ड में हुए शार्ट सर्किट के कारण लगी है। पीड़ित मकान मालिक के मुताबिक, इस भीषण अग्निकांड में कुल 4 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है।
सुबह 10 बजे तक काम पर चले गए थे परिवार के सभी सदस्य
मूल रूप से वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र के दानगंज के रहने वाले पीड़ित फ्लैट मालिक राजकिशोर सिंह ने बताया कि अशोक विहार कॉलोनी में उनका अपना खुद का फ्लैट है। इस भवन के नीचे के तल (ग्राउंड फ्लोर) पर दूसरा परिवार रहता है, जबकि ऊपर के दो तलों पर वे अपने परिवार के साथ निवास करते हैं। बुधवार की सुबह करीब 10 बजे तक परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने दैनिक कार्यों के लिए घर से निकल चुके थे। राजकिशोर सिंह अपने काम पर गए थे, जबकि उनकी पत्नी, जो पेशे से बीएलओ (BLO) हैं, सुबह ही अपनी शासकीय ड्यूटी पर चली गई थीं। उनकी बेटी नैना अपने बुटीक की दुकान पर और बेटा अभिषेक सिंह फिजियोथैरेपी का कोर्स सीखने अपने इंस्टीट्यूट गया हुआ था।
पड़ोसियों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
सुबह करीब 11 बजे जब पूरा घर पूरी तरह लॉक (ताला बंद) था, तभी अचानक ऊपरी तल की खिड़कियों से काले धुएं का गुबार और आग की तेज लपटें बाहर निकलने लगीं। इसे देखकर पड़ोसियों ने फौरन तत्परता दिखाते हुए मकान मालिक राजकिशोर सिंह को फोन पर इसकी सूचना दी और तुरंत फायर ब्रिगेड को कॉल किया। दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई के कारण आग को समय रहते बुझा लिया गया, जिससे लपटें पूरे तीन मंजिला भवन में नहीं फैल सकीं और एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, आग की भीषण जद में आने से घर के कमरों में रखा एसी (AC), टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, पंखे, महंगे फर्नीचर तथा नवंबर में होने वाली बेटी की शादी के लिए खरीद कर रखा गया सारा घरेलू सामान जलकर कोयला हो गया। पीड़ित परिवार इस अप्रत्याशित घटना के बाद से पूरी तरह सदमे में है।
