गाजीपुर। जनपद के जमानियां विधानसभा व तहसील क्षेत्र के लाखों रेल यात्रियों को सुगम आवागमन की बड़ी सौगात दिलाने के उद्देश्य से राज्यसभा सांस...
गाजीपुर। जनपद के जमानियां विधानसभा व तहसील क्षेत्र के लाखों रेल यात्रियों को सुगम आवागमन की बड़ी सौगात दिलाने के उद्देश्य से राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से औपचारिक मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण वार्ता के दौरान सांसद ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय-दानापुर रेल प्रखंड पर स्थित अति-महत्वपूर्ण जमानियां रेलवे स्टेशन (ZNA) पर चार प्रमुख एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों के स्थायी ठहराव (स्टॉपेज) की पुरजोर मांग उठाई। सांसद ने इस जनहित के मुद्दे पर रेल मंत्री को एक आधिकारिक पत्रक (ज्ञापन) भी सौंपा और जमानियां क्षेत्र के निवासियों की वर्षों पुरानी मांग से उन्हें विस्तार से अवगत कराया।
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| Purvanchal Samachar |
सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने जमानियां स्टेशन पर ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस (15657/15658), पटना-इंदौर एक्सप्रेस (19313/19314), जन शताब्दी एक्सप्रेस (12365/12366) और संघमित्रा एक्सप्रेस (12295/12296) जैसी प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की लिखित मांग रखी है। उन्होंने रेल मंत्री को बताया कि जमानियां पूर्वांचल का एक ऐतिहासिक, कृषि-प्रधान और बड़ा व्यापारिक केंद्र है। यदि इन चारों लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव जमानियां में सुनिश्चित कर दिया जाता है, तो इससे न केवल स्थानीय तहसील बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों दैनिक यात्रियों को सीधी और सुगम रेल सेवा का लाभ मिलने लगेगा।
व्यापार, शिक्षा और इलाज के लिए रोजाना सफर करते हैं हजारों लोग
रेल मंत्री से संवाद करते हुए राज्यसभा सांसद ने बताया कि जमानियां क्षेत्र से रोजाना सैकड़ों व्यापारी, प्रतियोगी छात्र-छात्राएं, गंभीर मरीज और आम नागरिक व्यापार, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सिलसिले में वाराणसी, पटना, दिल्ली, हावड़ा और बेंगलुरु जैसे देश के बड़े महानगरों की ओर आवागमन करते हैं। वर्तमान समय में इन महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव जमानियां में न होने के कारण यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय) या बक्सर (बिहार) जैसे दूरदराज के स्टेशनों का रुख करना पड़ता है।
बुजुर्गों, मरीजों और महिलाओं को उठानी पड़ती है भारी परेशानी
डॉ. संगीता बलवंत ने रेल मंत्री का ध्यान व्यावहारिक समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि अतिरिक्त दूरी तय करके अन्य स्टेशनों तक पहुंचने में आम जनता का कीमती समय और परिवहन खर्च (भाड़ा) दोनों अत्यधिक बढ़ जाता है। इस स्थिति का सबसे प्रतिकूल और बुरा असर आपातकालीन इलाज के लिए जाने वाले मरीजों, वयोवृद्ध बुजुर्गों, महिलाओं और दूर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों पर पड़ता है। सांसद की इस मांग को बेहद गंभीरता से सुनते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मामले में त्वरित सकारात्मक कार्रवाई कराने और विभागीय अधिकारियों से व्यवहार्यता रिपोर्ट (फिजिबिलिटी रिपोर्ट) मंगवाने का पूरा भरोसा दिया है।
