Up News: उत्तर प्रदेश में चीनी की संभावित कमी या किल्लत को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं और अफवाहों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विराम लगा द...
Up News: उत्तर प्रदेश में चीनी की संभावित कमी या किल्लत को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं और अफवाहों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विराम लगा दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया है कि प्रदेश में चीनी का पर्याप्त और मजबूत स्टॉक मौजूद है, इसलिए किसी भी तरह की कमी का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने बताया कि राज्य की आवश्यकता से कहीं अधिक चीनी वर्तमान में उपलब्ध है और आगामी पेराई सत्र शुरू होते ही उत्पादन में और अधिक बढ़ोतरी होगी।
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| Purvanchal Samachar |
मासिक खपत 4 लाख टन, गोदामों में 28 लाख टन स्टॉक उपलब्ध
बाजार में चीनी की उपलब्धता के आंकड़ों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "आजकल कुछ हलकों में चीनी की शॉर्टेज (कमी) को लेकर भ्रामक बातें कही जा रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। उत्तर प्रदेश में हर महीने लगभग 4 लाख टन चीनी की नियमित खपत होती है, जबकि वर्तमान में हमारे पास 28 लाख टन चीनी का भारी स्टॉक सुरक्षित रूप से मौजूद है।"
आंकड़ों के लिहाज से देखा जाए तो प्रदेश के पास वर्तमान में आगामी कई महीनों की घरेलू खपत के लिए पर्याप्त चीनी का बफर स्टॉक उपलब्ध है।
15 अक्टूबर से फिर शुरू होंगी चीनी मिलें, 90 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य
आगामी पेराई सत्र की तैयारियों का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने घोषणा की कि 15 अक्टूबर से प्रदेश भर की चीनी मिलों में गन्ने की पेराई और चीनी उत्पादन का कार्य पुनः पूरी क्षमता से शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नया पेराई सत्र शुरू होने के बाद लगभग 90 लाख टन चीनी का उत्पादन फिर से शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश चीनी उत्पादन के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर है और अपनी विशाल उत्पादन क्षमता के बल पर न केवल अपने राज्यवासियों बल्कि पूरे देश के करोड़ों नागरिकों की मिठास और जरूरत को पूरा करने में सक्षम है।
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