वाराणसी: धर्मनगरी वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत आशापुर रेलवे क्रॉसिंग पर सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाला घटनाक्रम सामने आया। स...
वाराणसी: धर्मनगरी वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत आशापुर रेलवे क्रॉसिंग पर सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाला घटनाक्रम सामने आया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) चलाने से मना करने और भाई द्वारा डांटे जाने से आहत होकर 18 वर्षीय एक युवती ने आत्महत्या करने का प्रयास किया। युवती सामने से आ रही ट्रेन के आगे रेलवे पटरी पर लेट गई। गनीमत रही कि राहगीरों की तत्परता और आशापुर चौकी प्रभारी की जांबाजी से समय रहते युवती को ट्रैक से हटाकर उसकी जान बचा ली गई।
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| Purvanchal Samachar |
सामने से आ रही थी ट्रेन, महिला दारोगा ने दौड़कर ट्रैक से खींचा
सारनाथ थाना प्रभारी पंकज कुमार त्रिपाठी के अनुसार, घटना बीती रात लगभग 11:45 बजे की है। आशापुर रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रैक पर एक युवती के लेटे होने की सूचना राहगीरों द्वारा पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही आशापुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक (SI) दीक्षा पाण्डेय बिना एक पल गंवाए पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं।
मौके पर स्थिति बेहद नाजुक थी; युवती पटरी पर लेटी हुई थी और दूसरी दिशा से तेज गति से ट्रेन आ रही थी। महिला दारोगा दीक्षा पाण्डेय ने गजब की फुर्ती और साहस का परिचय देते हुए दौड़कर युवती को ट्रैक से खींचकर किनारे किया। युवती के पटरी से हटते ही कुछ ही पलों में ट्रेन वहां से गुजर गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
इंस्टाग्राम चलाने पर भाई की डांट से नाराज होकर उठाया कदम
पुलिस युवती को सुरक्षित आशापुर पुलिस चौकी लेकर आई। काफी देर तक घबराई हुई युवती की महिला पुलिसकर्मियों द्वारा काउंसलिंग की गई, जिसके बाद वह सामान्य हुई। पूछताछ में युवती ने अपना नाम पिंकी (18 वर्ष) निवासी पटना (बिहार) बताया। वह वर्तमान में आशापुर क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर रहती है।
युवती ने पुलिस को बताया कि उसके भाई ने उसे सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम अकाउंट चलाने से मना किया था और पिछली रात इसी बात को लेकर उसे काफी डांट-फटकार लगाई थी। भाई की डांट से आहत और क्षुब्ध होकर उसने रेलवे ट्रैक पर जाकर जान देने का आत्मघाती फैसला कर लिया था।
काउंसलिंग के बाद सहकर्मियों के सुपुर्द किया गया
पुलिस अधिकारियों ने युवती को जीवन का महत्व समझाया और भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की समझाइश दी। उचित काउंसलिंग के बाद युवती ने अपनी भूल स्वीकार की और दोबारा ऐसा आत्मघाती कदम न उठाने का लिखित आश्वासन दिया। देर रात पुलिस ने युवती के सहकर्मियों को चौकी पर बुलाकर उनकी जिम्मेदारी पर युवती को सुरक्षित घर भिजवाया।
