वाराणसी: उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष 'ऑपरेशन दहन' के अंतर्गत वाराणसी कमिश्नरेट की जैतपुरा थ...
वाराणसी: उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष 'ऑपरेशन दहन' के अंतर्गत वाराणसी कमिश्नरेट की जैतपुरा थाना पुलिस ने बड़ी विधिक कार्रवाई संपन्न की है। पुलिस ने वर्ष 2012 के एक मुकदमे के दौरान जब्त की गई लगभग 10.80 करोड़ रुपये की 558 किलोग्राम अवैध अफीम को विधिवत नष्ट कराया। जब्ती के बाद से सुरक्षित रखी गई इस भारी खेप को नियमानुसार निस्तारण के लिए पुलिस टीम पड़ोसी जनपद गाजीपुर स्थित 'केंद्रीय अफीम एवं क्षारोद कारखाना' (Government Opium and Alkaloid Works) लेकर पहुंची थी।
'ऑपरेशन दहन' के तहत वर्षों पुराने मादक पदार्थों का निस्तारण
एसीपी चेतगंज शुभम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन दहन' के तहत विभिन्न मुकदमों में वर्षों से मालखाने में सुरक्षित रखे गए मादक पदार्थों के विधिक निस्तारण का अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में जैतपुरा थाना प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम सुरक्षा घेरे में अफीम की खेप लेकर गाजीपुर स्थित केंद्रीय अफीम कारखाने पहुंची।
तौल में 558 किलो निकला वजन, अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10.80 करोड़ कीमत
गाजीपुर कारखाने में पहुंचने के बाद वैधानिक प्रक्रिया के तहत अफीम के सभी सीलबंद पैकेटों का पुनः वजन कराया गया। सभी पैकेटों का कुल वजन 558 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ 80 लाख रुपये आंकी गई है।
एसीपी ने बताया कि यह अफीम वर्ष 2012 में जैतपुरा पुलिस ने एक आपराधिक मुकदमे के दौरान तस्करों से बरामद की थी और कानूनी प्रक्रिया के तहत इसे मालखाने में सुरक्षित रखा गया था।
ड्रग डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में पूरी हुई प्रक्रिया
हाई-लेवल 'ड्रग डिस्पोजल कमेटी' की कड़ी निगरानी में संपूर्ण मादक पदार्थ को केंद्रीय अफीम एवं क्षारोद कारखाने में जमा कराया गया। इसके बाद निर्धारित प्रोटोकॉल और पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए अफीम को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। विधिक औपचारिकताएं पूर्ण करने के उपरांत पुलिस टीम वाराणसी वापस लौट आई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन दहन के तहत लंबित पड़े अन्य मादक पदार्थों के निस्तारण की कार्रवाई भी आगे निरंतर जारी रहेगी।
