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पूर्वांचल समाचार विशेष: 'सितंबर का माह रहेगा यादगार'— दर्शन के बाद बोलीं आर्टिस्ट आयुषी गुप्ता

वाराणसी। धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति की पावन राजधानी काशी स्थित 51 शक्तिपीठों में प्रमुख मां विशालाक्षी शक्तिपीठ मंदिर (मीरघाट) में ...

वाराणसी। धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति की पावन राजधानी काशी स्थित 51 शक्तिपीठों में प्रमुख मां विशालाक्षी शक्तिपीठ मंदिर (मीरघाट) में 'हरियाली तीज' का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, भव्यता और अलौकिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर जगतजननी मां विशालाक्षी का अद्भुत, नयनाभिराम और पारंपरिक हरियाली तीज दिव्य श्रृंगार किया गया। शक्तिपीठ में आयोजित इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान में दर्शन-पूजन के लिए काशी की जानी-मानी युवा उद्यमी व प्रतिष्ठित मेकअप आर्टिस्ट आयुषी गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने गर्भगृह में शीश नवाकर मां का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त किया और जनकल्याण की कामना की।

Varanasi News, Aayushi Gupta, Purvanchal
Purvanchal Samachar 

मंदिर प्रबंधन व पुजारियों ने अंगवस्त्र देकर किया विशेष अभिनंदन, दर्शन-पूजन के उपरांत शक्तिपीठ के मुख्य पुजारियों ने आयुषी गुप्ता का परंपरागत वैदिक रीति से स्वागत किया। पुजारियों ने उन्हें मां विशालाक्षी के पावन प्रसाद स्वरूप सिद्ध अंगवस्त्र, चुनरी व चरणामृत भेंट कर सम्मानित व आशीर्वचित किया। पूजन अनुष्ठान के पश्चात आयुषी गुप्ता ने मंदिर परिसर में आयोजित विशाल भंडारे में बैठकर श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया।

Aayushi Gupta Varanasi, Purvanchal Samachar



'भंडारे के प्रसाद से मिलती है आत्मिक शांति और मां का आशीष': 

आयुषी गुप्ता 'पूर्वांचल समाचार' से विशेष वार्तालाप करते हुए शहर की प्रसिद्ध मेकअप आर्टिस्ट आयुषी गुप्ता ने अपने आध्यात्मिक अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा— "मां विशालाक्षी के दरबार में आकर जो आत्मिक आनंद और सुकून प्राप्त हुआ है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मंदिर के भंडारे में बना सात्विक प्रसाद मात्र भोजन नहीं, बल्कि साक्षात मां का आशीर्वाद होता है। भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने से अंतर्मन को असीम शांति, सकारात्मक ऊर्जा और ईश्वर की अनुकंपा की अनुभूति होती है।"

Varanasi makeup artist Aayushi Gupta


आयुषी ने मां के श्रृंगार की मुक्तकंठ से की सराहना, कहा— 

सितंबर का माह रहेगा यादगार सौंदर्य कला और रूप सज्जा के क्षेत्र में काशी में एक स्थापित नाम बन चुकीं आयुषी गुप्ता ने मां विशालाक्षी के अलौकिक और  हरियाली श्रृंगार की मुक्तकंठ से भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने भावविभोर होकर कहा कि एक सौंदर्य शिल्पी (मेकअप आर्टिस्ट) के दृष्टिकोण से जब उन्होंने मां के इस दिव्य अलौकिक रूप को निहारा, तो वह मंत्रमुग्ध रह गईं। प्राकृतिक फूलों, दिव्य आभूषणों और पारंपरिक वस्त्रों से किया गया मां का यह अनुपम श्रृंगार साक्षात दिव्यता का अहसास करा रहा था। 'पूर्वांचल समाचार' से बात करते हुए उन्होंने कहा— "शक्तिपीठ में मिला यह सम्मान और मां का सानिध्य मेरे जीवन के सबसे सुखद पलों में से एक है। यह सितंबर का माह मेरे लिए सदैव अविस्मरणीय और यादगार रहेगा।"


51 शक्तिपीठों में अग्रणी है काशी का मां विशालाक्षी मंदिर

 धार्मिक व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, काशी स्थित मां विशालाक्षी मंदिर देवी सती के पावन 51 शक्तिपीठों में अत्यंत दुर्लभ और सिद्ध पीठ है। मान्यता है कि यहां माता सती माँ के दाहिने कान के कुंडल मणि गिरे थे, माता जी का विशाल नेत्र होने के कारण इन्हें 'विशालाक्षी' कहा जाता है। काशी में बाबा विश्वनाथ, मां अन्नपूर्णा और मां विशालाक्षी की यह त्रयी मोक्ष और धर्म की आधारशिला मानी जाती है। तीज और नवरात्र के अवसर पर मां के दर्शन मात्र से अखंड सौभाग्य, पारिवारिक सुख और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।