वाराणसी: धर्म एवं अध्यात्म की पावन नगरी काशी में ज्योतिर्मठ के तत्वावधान में आयोजित एक गरिमामय धार्मिक समारोह के दौरान ज्योतिष पीठाधीश्वर जग...
वाराणसी: धर्म एवं अध्यात्म की पावन नगरी काशी में ज्योतिर्मठ के तत्वावधान में आयोजित एक गरिमामय धार्मिक समारोह के दौरान ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने शुक्रवार को ‘अष्ट भैरव’ नामक दिव्य ग्रंथ का विधिवत विमोचन किया। इस विशिष्ट धार्मिक ग्रंथ में भगवान शिव के रौद्र व कल्याणकारी स्वरूप भगवान भैरव के सभी प्रमुख अवतारों की पौराणिक कथाओं और आध्यात्मिक रहस्यों का विशद वर्णन किया गया है। विमोचन समारोह के उपरांत शंकराचार्य महाराज के मार्गदर्शन में भक्तों के एक दल ने विधिवत ‘अष्ट भैरव दर्शन यात्रा’ का शुभारंभ किया।
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| Purvanchal Samachar |
छत्तीसगढ़ के सलधा में दिए गए प्रवचनों पर आधारित है ग्रंथ, ज्योतिर्मठ से हुआ प्रकाशन
समारोह के दौरान जानकारी दी गई कि यह महत्वपूर्ण ग्रंथ छत्तीसगढ़ के सलधा में शंकराचार्य महाराज द्वारा भगवान शिव के विभिन्न पावन अवतारों पर दिए गए अमृतमयी प्रवचनों पर आधारित है।
इस ग्रंथ का कुशल संपादन साध्वी पूर्णांबा द्वारा किया गया है, जबकि उप संपादक के रूप में डॉ. रंजन शर्मा ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ग्रंथ के मुख्य पृष्ठ व आवरण संयोजन में मीडिया प्रभारी संजय पांडेय एवं विवेक भूषण ने विशेष सहयोग प्रदान किया है। इस प्रामाणिक आध्यात्मिक ग्रंथ का प्रकाशन ‘ज्योतिर्मठ प्रकाशन सेवालय’ द्वारा किया गया है, जो सनातन परंपरा और शिव-भैरव उपासना के शोधार्थियों एवं भक्तों के लिए अत्यंत संग्रहणीय है।
अधिवक्ता रमेश उपाध्याय के नेतृत्व में निकली 'अष्ट भैरव दर्शन यात्रा'
ग्रंथ के भव्य विमोचन के तुरंत बाद शंकराचार्य महाराज के अनन्य शिष्य अधिवक्ता रमेश उपाध्याय के नेतृत्व में आठ समर्पित साधकों और भक्तों के दल ने काशी के पारंपरिक ‘अष्ट भैरव दर्शन यात्रा’ का विधिवत आरंभ किया।
