वाराणसी: धर्मनगरी वाराणसी के छावनी (कैंट) क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तेंदुआ देखे जाने की लगातार मिल रही सूचनाओं और अफवाहों के कारण स्थानी...
वाराणसी: धर्मनगरी वाराणसी के छावनी (कैंट) क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तेंदुआ देखे जाने की लगातार मिल रही सूचनाओं और अफवाहों के कारण स्थानीय निवासियों में भारी दहशत का माहौल व्याप्त है। क्षेत्र में तेंदुए की आमद की खबरों को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) निधि चौहान के निर्देश पर वन विभाग की विशेष टीमों को पूरे इलाके में चौबीसों घंटे गश्त और निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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| Purvanchal Samachar |
बंगला नंबर 61 और सेंट मैरीज स्कूल परिसर में लगाए गए पिंजरे, बंधी बकरियां
तेंदुए की आशंका वाले चिन्हित स्थलों पर वन विभाग ने जाल बिछाना शुरू कर दिया है।
वन अधिकारियों के अनुसार, एहतियात के तौर पर बंगला नंबर 61 और सेंट मैरीज स्कूल परिसर में दो बड़े स्वचालित पिंजरे लगाए गए हैं। तेंदुए को आकर्षित कर सुरक्षित पकड़ने के लिए दोनों पिंजरों के भीतर चारे के रूप में बकरियों को बांधा गया है। वन क्षेत्राधिकारी संजय कुमार और टीम लीडर अनिल श्रीवास्तव अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर डेरा डाले हुए हैं और आधुनिक उपकरणों के जरिए दिन-रात क्षेत्र की सतत निगरानी कर रहे हैं।
डीएफओ निधि चौहान ने किया मौका मुआयना, बोलीं- 'आधिकारिक पुष्टि नहीं'
शुक्रवार को डीएफओ निधि चौहान ने स्वयं छावनी क्षेत्र के संवेदनशील हिस्सों का स्थलीय निरीक्षण किया और तैनात वनकर्मियों को जरूरी रणनीतिक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में डीएफओ ने स्पष्ट किया कि अब तक वन विभाग की जांच या पगमार्क में क्षेत्र में तेंदुए की वास्तविक मौजूदगी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर पुराने या भ्रामक वीडियो वायरल करके बेवजह लोगों में डर का माहौल पैदा किया जा रहा है। वन विभाग इन सभी वायरल वीडियो और सूचनाओं की तकनीकी जांच कर रहा है। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह और भ्रामक खबरें फैलाने वाले असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई किया जाएगा।
