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Varanasi News: पीजी कॉलेज में छात्रों का बायोमेट्रिक वसूली के खिलाफ अभियान पूरा, राज्यपाल को भेजा जाएगा ज्ञापन

Ghazipur News: जनपद के प्रतिष्ठित स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी कॉलेज) में छात्रवृत्ति हेतु बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के नाम पर हो रही कथित अवै...

Ghazipur News: जनपद के प्रतिष्ठित स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी कॉलेज) में छात्रवृत्ति हेतु बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के नाम पर हो रही कथित अवैध वसूली को लेकर छात्र-छात्राओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसके विरोध में छात्र नेताओं के नेतृत्व में चलाया गया दो दिवसीय व्यापक हस्ताक्षर अभियान गुरुवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस अभियान के दौरान कॉलेज के 710 छात्र-छात्राओं ने अपने हस्ताक्षर दर्ज कर कॉलेज प्रशासन की मनमानी के खिलाफ कड़ा विरोध जताया। छात्र नेताओं ने ऐलान किया है कि शुक्रवार को जिलाधिकारी के माध्यम से कुलाधिपति/राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की जाएगी।

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निजी दुकानों पर 70 से 100 रुपये वसूली का आरोप, पूर्व सत्र का दिया हवाला


हस्ताक्षर अभियान का नेतृत्व कर रहे छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

छात्र नेताओं का कहना है कि पिछले शैक्षणिक सत्र में कॉलेज परिसर के भीतर आधिकारिक नोटिस चस्पा कर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के नाम पर प्रति छात्र ₹40 वसूले गए थे। वहीं इस वर्तमान सत्र में कॉलेज प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों को परिसर के बाहर स्थित निजी साइबर कैफे व दुकानों पर भेजा जा रहा है, जहां गरीब और जरूरतमंद छात्र-छात्राओं से ₹70 से लेकर ₹100 तक की मनमानी अवैध वसूली की जा रही है। छात्रों ने सवाल उठाया कि जब सरकारी योजनाओं में बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया निःशुल्क होनी चाहिए, तो छात्रों पर यह आर्थिक बोझ क्यों डाला जा रहा है।


प्राचार्य के दावों पर सवाल, जांच कमेटी गठित करने की मांग: दीपक उपाध्याय

पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कॉलेज प्रशासन और प्राचार्य के रुख की आलोचना की।


उन्होंने कहा कि एक तरफ कॉलेज के प्राचार्य मीडिया और सार्वजनिक रूप से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली न होने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सैकड़ों छात्र-छात्राएं खुली लूट की शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। उपाध्याय ने मांग की कि जिलाधिकारी और राज्यपाल तत्काल संज्ञान लेकर इस वित्तीय अनियमितता की निष्पक्ष जांच हेतु एक स्वतंत्र प्रशासनिक कमेटी गठित करें। उन्होंने मांग रखी कि कॉलेज परिसर के भीतर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था पूर्णतः निःशुल्क और पारदर्शी रूप से संचालित की जाए, बिना रसीद वसूली गई पूरी धनराशि छात्रों को वापस दिलाई जाए और संलिप्त कर्मचारियों व संचालकों पर सख्त कार्रवाई हो।


एक सप्ताह में निस्तारण न होने पर आंदोलन की दी चेतावनी

हस्ताक्षर अभियान के समापन पर छात्र नेताओं ने प्रशासनिक उपेक्षा पर सख्त रुख अपनाने की चेतावनी दी।


छात्र नेता सुधांशु तिवारी, शशांक उपाध्याय, प्रद्युम्न सिंह यादव, आकाश चौधरी, निलेश बिन्द और विकास यादव ने संयुक्त रूप से कहा कि यदि प्रशासन ने एक सप्ताह के भीतर इस पूरे प्रकरण की जांच कर अवैध वसूली बंद नहीं कराई, तो छात्र व्यापक आंदोलन छेड़ेगी। इस दौरान छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई।