Varanasi News: उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी में आज उस समय सियासी पारा चढ़ गया, जब पुलिस ने समाजवादी पार्टी के कई बड़े नेताओं को उनके ...
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| Purvanchal Samachar |
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा गठित 11 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल को मणिकर्णिका घाट जाने से रोकने के लिए वाराणसी पुलिस ने यह कड़ी कार्रवाई की है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मणिकर्णिका घाट स्थित अहिल्या बाई होलकर की मूर्ति खंडित होने की खबर सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया था। अखिलेश यादव ने इस मामले की ज़मीनी हकीकत जानने के लिए 11 सदस्यीय एक विशेष जांच टीम वाराणसी भेजी थी। इस टीम को आज यानी 25 जनवरी को मणिकर्णिका घाट जाकर स्थिति का जायजा लेना था।
प्रशासन की सख्ती
प्रशासनिक अधिकारियों ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए इस प्रतिनिधि मंडल को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। सुबह होते ही पुलिस ने सपा के दिग्गज नेताओं के आवासों की घेराबंदी कर दी और उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया। इसके साथ ही, वाराणसी के विभिन्न हिस्सों से मणिकर्णिका घाट की ओर कूच कर रहे समाजवादी पार्टी के करीब 15 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
कानून व्यवस्था का हवाला
वाराणसी पुलिस का कहना है कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित तनाव को टालने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था। पुलिस के मुताबिक, बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या रैली से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती थी, जिसके चलते एहतियातन यह कार्रवाई की गई है।
सपा नेताओं ने प्रशासन की इस कार्रवाई को "लोकतंत्र की हत्या" करार दिया है। उनका कहना है कि वे केवल श्रद्धा के प्रतीक की गरिमा पर सवाल पूछने जा रहे थे, लेकिन सरकार विपक्ष की आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रही है।
