google.com, pub-8818714921397710, DIRECT, f08c47fec0942fa0 वाराणसी में 'UGC नियमावली' पर आक्रोश: छात्रों ने संकायों में जड़ा ताला; पीएम को खून से लिखा पत्र, सांसदों को भेजीं चूड़ियाँ - Purvanchal samachar - पूर्वांचल समाचार

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वाराणसी में 'UGC नियमावली' पर आक्रोश: छात्रों ने संकायों में जड़ा ताला; पीएम को खून से लिखा पत्र, सांसदों को भेजीं चूड़ियाँ

वाराणसी। धर्म और शिक्षा की नगरी काशी में बुधवार को 'यूजीसी की नई नियमावली' के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। महात्मा गांधी काश...

वाराणसी। धर्म और शिक्षा की नगरी काशी में बुधवार को 'यूजीसी की नई नियमावली' के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (MGKVP) और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के छात्रों ने इस नए नियम को 'काला कानून' करार देते हुए मोर्चा खोल दिया है। विद्यापीठ में तो हालात इतने उग्र हो गए कि छात्रों ने आठ संकायों में तालाबंदी कर दी और सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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खून से लिखा पत्र और सवर्ण सांसदों को चूड़ियाँ

विरोध का सबसे कड़ा और अनोखा स्वरूप तब दिखा जब राष्ट्रीय हिंदू दल संगठन के अध्यक्ष रोशन पांडेय ने अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। उन्होंने इस नियमावली को सवर्णों (ब्राह्मण, भूमिहार, राजपूत) पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' बताया। यही नहीं, विरोध दर्ज कराते हुए उन्होंने सवर्ण सांसदों को 'चूड़ियाँ' भेजकर उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इस नियम के जरिए सामान्य वर्ग का गला घोंटने की कोशिश कर रही है।

बीएचयू से कचहरी तक पुलिस के साथ नोकझोंक

विरोध की तपिश सिर्फ विद्यापीठ तक सीमित नहीं रही। बीएचयू कैंपस में छात्रों ने अधिष्ठाता छात्र कल्याण (DSW) कार्यालय पर प्रदर्शन किया। छात्र नेताओं (हिमांशु राय और आशुतोष शुक्ला) ने चेतावनी दी कि यदि 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी' के नाम पर लाए गए इस भेदभावपूर्ण नियम को वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा। उधर, कचहरी परिसर में 'केसरिया भारत' संस्था के पदाधिकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

छात्रों का मुख्य तर्क है कि यूजीसी के नए नियमों से सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज होने की आशंका बढ़ जाएगी। , छात्रों ने कहा कि यदि यूजीसी कानून हटाया नहीं गया तो वाराणसी से शुरू हुआ यह आंदोलन दिल्ली की सड़कों तक पहुंचेगा।