Varanasi News: चोलापुर के जगदीशपुर स्थित अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक विद्यालय में मासूम बच्चों से साफ-सफाई कराने का शर्मनाक मामला सामने आया है...
Varanasi News: चोलापुर के जगदीशपुर स्थित अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक विद्यालय में मासूम बच्चों से साफ-सफाई कराने का शर्मनाक मामला सामने आया है। बच्चों के हाथ में झाड़ू थमाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है। असिस्टेंट बेसिक शिक्षा अधिकारी नागेंद्र सरोज की सख्ती के बाद इस पूरे मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है।
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| Purvanchal Samachar |
लापरवाह सफाईकर्मियों पर गिरी गाज
एडीओ (पंचायत) चोलापुर ने जब विद्यालय और पंचायत भवन का औचक निरीक्षण किया, तो वहां चारों तरफ गंदगी का अंबार मिला। इस घोर लापरवाही के लिए सफाईकर्मी मनोज कुमार और अजय कुमार को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना गया है। विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए 3 फरवरी 2026 से दोनों सफाईकर्मियों के वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। उन्हें 3 दिन के भीतर जवाब देने का अल्टीमेटम दिया गया है, स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर उनकी सेवा निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
कटघरे में स्कूल प्रशासन और शिक्षक
मामले की गूंज केवल सफाईकर्मियों तक ही सीमित नहीं है। ABSA नागेंद्र सरोज ने विद्यालय के शिक्षकों के खिलाफ भी 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। अधिकारियों ने सवाल उठाया है कि अगर सफाईकर्मी ड्यूटी पर नहीं थे, तो इसकी सूचना विभाग को क्यों नहीं दी गई? सबसे गंभीर सवाल यह है कि शिक्षा के मंदिर में बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनसे मजदूरी जैसा काम क्यों लिया गया?
प्रधानाध्यापक ने क्या कहा?
वहीं प्रधानाध्यापक ने अपने सफाई में कहा है कि, पास के ही एक व्यक्ति ने विद्यालय में आकर बच्चों के हाथ में झाड़ू दे कर वीडियो बनाए।
'शिक्षा के मंदिर का सम्मान सर्वोपरि'
एबीएसए नागेंद्र सरोज ने कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि स्कूलों में बच्चों के भविष्य और उनके मान-सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। वायरल वीडियो के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण में जो भी अन्य दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
