गाजीपुर (ब्यूरो)। जनपद के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की घटती उपस्थिति और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी पर...
गाजीपुर (ब्यूरो)। जनपद के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की घटती उपस्थिति और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने मोर्चा खोल दिया है। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने 'परिसर चलो अभियान' के तीसरे चरण (Phase 3.0) के तहत जिले के विभिन्न महाविद्यालयों और राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सघन सर्वेक्षण अभियान चलाया।
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| Purvanchal Samachar |
42 बिंदुओं पर जांच: सुविधाओं की जमीनी हकीकत
एबीवीपी की टोलियों ने राजकीय पॉलिटेक्निक और पीजी कॉलेज सहित अन्य परिसरों का दौरा कर 42 बिंदुओं पर विस्तृत डेटा एकत्र किया। कार्यकर्ताओं ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद कर पुस्तकालय, प्रयोगशाला, शिक्षक-छात्र अनुपात और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जानकारी भरी। सर्वेक्षण में दिव्यांग छात्रों के लिए रैंप, सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, प्लेसमेंट सेल और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी बारीकी से जांच की गई।
कोचिंग पर बढ़ती निर्भरता और खाली होते परिसर
प्रांत कार्यकारिणी सदस्य ईशान पॉल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना काल के बाद से महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की आमद काफी कम हो गई है। छात्र अब सीधे तौर पर कोचिंग संस्थानों पर निर्भर हो गए हैं, जिससे उनका समग्र बौद्धिक और सामाजिक विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल गाजीपुर नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक गंभीर विषय है।
बिना पढ़ाई के केवल परीक्षा: 'प्रवेश केंद्र' बन गए हैं कॉलेज
नगर मंत्री वायु पाठक ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जिले में 347 महाविद्यालय संचालित हैं, लेकिन अधिकांश केवल 'प्रवेश' लेकर 'परीक्षा' कराने वाले केंद्र बनकर रह गए हैं। परिसर में न छात्र दिखते हैं और न ही शिक्षक। उन्होंने चेतावनी दी कि एबीवीपी सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर सरकार से ऐसे महाविद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग करेगी।
सर्वेक्षण और अभियान के दौरान मुख्य रूप से:
ईशान पॉल (प्रांत कार्यकारिणी सदस्य), विभाग संगठन मंत्री विपुल, वायु पाठक (नगर मंत्री),अंकित यादव, अंबुज तिवारी आदि प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
