गाजीपुर। सरकारी दफ्तरों में कार्यसंस्कृति सुधारने और जनता की फाइलों को लटकाने वाले अधिकारियों पर शिकंजा कसने के लिए जिलाधिकारी अविनाश कुमा...
गाजीपुर। सरकारी दफ्तरों में कार्यसंस्कृति सुधारने और जनता की फाइलों को लटकाने वाले अधिकारियों पर शिकंजा कसने के लिए जिलाधिकारी अविनाश कुमार शनिवार को फुल एक्शन मोड में नजर आए। डीएम ने तहसील सदर का औचक निरीक्षण कर न केवल पटलों की व्यवस्था परखी, बल्कि फाइलों के रखरखाव में लापरवाही देख संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार भी लगाई। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि लंबित पत्रावलियों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से हो, वरना जवाबदेही तय की जाएगी।
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| Purvanchal Samachar |
डीएम अविनाश कुमार ने एसडीएम सदर और तहसील न्यायालयों के कक्षों में जमी धूल और पुरानी फाइलों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने रजिस्ट्रार कानूनगो, नायब तहसीलदार (नगर, बिरनो, करंडा) के कार्यालयों सहित भूलेख कंप्यूटर कक्ष की भी सघन जांच की।
ऑनलाइन आरसी और म्यूटेशन पर पैनी नजर
रिकॉर्ड रूम और संग्रह कार्यालय की जांच के दौरान डीएम ने ऑनलाइन आरसी, स्टांप रजिस्टर, दाखिल-खारिज और खसरा-खतौनी के अभिलेखों का मिलान किया। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े मामलों में 'आनाकानी' करने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार की जाए। निरीक्षण के समय एसडीएम सदर रविश गुप्ता और तहसीलदार राजीव यादव सहित तहसील प्रशासन के तमाम बड़े चेहरे पसीने पोंछते नजर आए।
