मऊ। यूपी पुलिस की साख पर एक बार फिर 'अपनों' ने ही बट्टा लगाया है। जनपद के सरायलखंसी थाना क्षेत्र में तैनात एक सिपाही पर अपनी ही साथ...
मऊ। यूपी पुलिस की साख पर एक बार फिर 'अपनों' ने ही बट्टा लगाया है। जनपद के सरायलखंसी थाना क्षेत्र में तैनात एक सिपाही पर अपनी ही साथी महिला पुलिसकर्मी के साथ छेड़खानी, मारपीट और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का गंभीर आरोप लगा है। खास बात यह है कि विभाग के भीतर सुनवाई न होने पर पीड़िता को इंसाफ के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अब न्यायालय के सख्त आदेश पर आरोपी सिपाही के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
मर्यादा लांघी, विरोध करने पर की मारपीट
पुलिस लाइन में तैनात पीड़िता ने आरोप लगाया है कि सिपाही जितेंद्र कुमार वर्मा उसे लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। शिकायत के मुताबिक, बीते 24 अगस्त की रात आरोपी ने सारी हदें पार करते हुए पीड़िता के साथ सरेराह छेड़छाड़ की। जब महिला सिपाही ने हिम्मत दिखाते हुए विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। शोर मचने पर आसपास के लोग जुटे, तब जाकर आरोपी सिपाही मौके से फरार हो सका।
दहलीज पर न्याय नहीं मिला, तो जाना पड़ा कोर्ट
यह मामला प्रशासनिक स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाता है। पीड़िता का कहना है कि उसने पहले स्थानीय थाने और फिर आला अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई थी, लेकिन आरोपी के रसूख या विभागीय सुस्ती के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः विशेष न्यायाधीश (SC/ST) के हस्तक्षेप के बाद सरायलखंसी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
