गाजीपुर। कासिमाबाद कोतवाली पुलिस ने बहुचर्चित दीपक राजभर हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मुठभेड़ जैसी घेर...
गाजीपुर। कासिमाबाद कोतवाली पुलिस ने बहुचर्चित दीपक राजभर हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मुठभेड़ जैसी घेराबंदी के दौरान 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से न केवल हत्या में प्रयुक्त .32 बोर की पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं, बल्कि वारदात के तार चोरी की मोटरसाइकिल और पुरानी रंजिश से भी जुड़े पाए गए हैं।
घेराबंदी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
थाना प्रभारी के नेतृत्व में सोमवार देर रात जब पुलिस टीम टोडार गांव के पास संदिग्धों की तलाश में थी, तभी एक बिना नंबर की बाइक पर दो युवक आते दिखे। पुलिस की टॉर्च की रोशनी पड़ते ही बदमाशों ने भागने की कोशिश की, लेकिन अनियंत्रित होकर गिर पड़े। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मौके पर ही सौरभ यादव (निवासी बीकापुर) और विशाल यादव उर्फ छोटका (निवासी शंकरपुर) को दबोच लिया। गहन पूछताछ के बाद इनके तीसरे साथी को भी हिरासत में लिया गया।
रंजिश, साजिश और हत्याकांड का 'मोडस ऑपरेंडी'
थाना प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने ही 11 जनवरी की सर्द रात को गेहूंडी चक मार्ग पर 26 वर्षीय दीपक राजभर को घेरकर उसकी सीने और कनपटी पर गोलियां बरसाई थीं।
