मिर्जापुर (ब्यूरो) जनपद की कानून व्यवस्था को धार देने और पुलिसिंग में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने मंगल...
मिर्जापुर (ब्यूरो) जनपद की कानून व्यवस्था को धार देने और पुलिसिंग में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने मंगलवार को थाना कोतवाली शहर का आकस्मिक निरीक्षण किया।
![]() |
| Purvanchal Samachar |
दस्तावेजों की पड़ताल और 'मिशन शक्ति' की समीक्षा
एसपी ने थाना कार्यालय में पहुँचते ही अपराध रजिस्टर, आगंतुक रजिस्टर और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी अभिलेख अद्यावधिक (Up-to-date) होने चाहिए और विवेचनाओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद उन्होंने 'मिशन शक्ति केंद्र' का निरीक्षण कर वहां तैनात महिला पुलिसकर्मियों से संवाद किया और महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनने के निर्देश दिए।
फरियादियों से व्यवहार: "वर्दी का रौब नहीं, सेवा का भाव रखें"
निरीक्षण के दौरान सबसे महत्वपूर्ण पहलू पुलिस का 'पब्लिक डीलिंग' रहा। पुलिस अधीक्षक ने दो टूक शब्दों में कहा कि थाने पर आने वाले हर फरियादी के साथ **विनम्रतापूर्ण व्यवहार** सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि:
- जनता की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनें और उनका समयबद्ध निस्तारण करें।
- थाने के परिसर और कार्यालय में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए।
- थानों की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिससे आम जनमानस के भीतर सुरक्षा का भाव और अपराधियों के मन में खौफ पैदा हो।
(संपादकीय टिप्पणी):
एक पत्रकार के नजरिए से देखें तो एसपी अपर्णा रजत कौशिक का यह औचक निरीक्षण केवल एक विभागीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि मातहतों को यह स्पष्ट संदेश है कि मुख्यालय की नजर हर थाने की गतिविधि पर है। अक्सर कोतवाली जैसे व्यस्त थानों में फरियादियों की शिकायतों के अंबार लग जाते हैं, ऐसे में कप्तान का सीधे फील्ड में उतरना 'ग्राउंड लेवल पुलिसिंग' को मजबूत करने की एक सराहनीय पहल है।
