लखनऊ। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 'वन ट्रिलियन डॉलर' के लक्ष्य की ओर ले जाने की दिशा में बुधवार को योगी सरकार ने अब तक का सबसे ...
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 'वन ट्रिलियन डॉलर' के लक्ष्य की ओर ले जाने की दिशा में बुधवार को योगी सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 9,12,696.35 करोड़ रुपये का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट कर दिया कि आगामी वर्ष 'बुनियादी ढांचे' और 'युवा उद्यमिता' का होगा। पिछले वर्ष की तुलना में 12.2 प्रतिशत की यह भारी बढ़ोतरी राज्य की मजबूत होती वित्तीय स्थिति का प्रमाण है।
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| Purvanchal Samachar |
राजकोषीय अनुशासन और निवेश पर 'फोकस'
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने आंकड़ों की बाजीगरी के बजाय ठोस वित्तीय प्रबंधन पर जोर दिया। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों का पालन करते हुए राजकोषीय घाटे को 3 प्रतिशत की सीमा के भीतर रखना सरकार की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। 19.5 प्रतिशत का 'कैपिटल आउटले' (पूंजीगत परिव्यय) यह दर्शाता है कि सरकार केवल खर्च नहीं कर रही, बल्कि भविष्य की संपत्तियों (Asset Creation) का निर्माण कर रही है।
MSME: अर्थव्यवस्था की 'रीढ़' को नई ऊर्जा
उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर को इस बजट में 'संजीवनी' मिली है।
- नई पहल:सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट और इंडस्ट्रियल जोन के लिए 575 करोड़ रुपये का आवंटन राज्य में औद्योगिक विकेंद्रीकरण की नई कहानी लिखेगा।
- उद्यमी विकास: 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के जरिए हर साल 1 लाख सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य युवाओं को 'जॉब सीकर' से 'जॉब क्रिएटर' बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
- ODOP का विस्तार: 'एक जनपद एक उत्पाद' की सफलता के बाद अब ‘एक जनपद एक व्यंजन’ जैसी अभिनव योजना के लिए 75 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर: रफ्तार के साथ रोजगार का 'कॉरिडोर'
इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास के लिए आवंटित 27,103 करोड़ रुपये यूपी की सूरत बदलने वाले साबित होंगे।
- डिफेंस कॉरिडोर: 200 कंपनियों के साथ हुए एमओयू और 35 हजार करोड़ से अधिक का निवेश यह संकेत दे रहा है कि यूपी जल्द ही देश का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा।
- स्मार्ट युवा: स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के तहत 2374 करोड़ रुपये से छात्रों को टैबलेट और स्मार्टफोन देकर डिजिटल खाई को पाटने की कोशिश जारी है।
स्वास्थ्य और शिक्षा: बजट का बड़ा हिस्सा जनता के नाम
सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने कुल बजट का 12.4 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा और 6 प्रतिशत चिकित्सा सेवाओं के लिए आरक्षित किया है। कृषि क्षेत्र के लिए 9 प्रतिशत का आवंटन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के संकल्प को दोहराता है।
