मऊ (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश की सरकार भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी किसानों के लिए दुखद है। ...
मऊ (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश की सरकार भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी किसानों के लिए दुखद है। जनपद के मधुबन तहसील अंतर्गत कटघरा गांव के एक किसान ने धान खरीद केंद्र पर तैनात कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप लगाया है। जिलाधिकारी से की गई शिकायत में किसान ने साफ कहा है कि तौल से लेकर भुगतान तक के लिए उससे मोटी रकम की मांग की जा रही है।
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| Purvanchal Samachar |
तौल के लिए 5 हजार लिए, अब भुगतान के नाम पर 20 हजार की मांग
पीड़ित किसान प्रवीण कुमार के अनुसार, उन्होंने बीते 30 दिसंबर को गोठा समिति पर अपना 50 कुंतल 40 किलो धान बेचा था। आरोप है कि धान लेकर पहुंचने पर ही एसमाई गोठा और सहायक सोमनाथ यादव ने धान में 'गड़बड़ी' का डर दिखाकर 5,000 रुपये वसूल लिए। अब किसान का कहना है कि अंगूठा लगवाने और भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के एवज में उससे 20,000 रुपये की अतिरिक्त मांग की जा रही है।
अधर में अटका भुगतान, दफ्तरों के चक्कर काट रहा किसान
किसान प्रवीण ने बताया कि पैसा न देने के कारण उनका भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। सरकारी सिस्टम की इस चक्की में पिसता किसान अब न्याय की उम्मीद में जिलाधिकारी की चौखट पर पहुंचा है। किसान का कहना है कि मेहनत की कमाई पाने के लिए रिश्वत देना उसकी मजबूरी नहीं, बल्कि अन्याय है।
विभागीय जांच का आश्वासन: 'दोषी बचेंगे नहीं'
इस पूरे प्रकरण पर खाद्य विपणन अधिकारी विनय सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि रिश्वत लेने के आरोप सिद्ध होते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
