गाजीपुर (ब्यूरो)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में गुरुवार को गाजीपुर की सड़कों पर भाजपा अनुसूचि...
गाजीपुर (ब्यूरो)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में गुरुवार को गाजीपुर की सड़कों पर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। जिला मुख्यालय पर जुटे कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और उनका पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को न केवल राष्ट्रपति का अपमान बताया, बल्कि इसे देश के संवैधानिक ढांचे पर प्रहार करार दिया।
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| Purvanchal Samachar |
संविधान और आदिवासी समाज का अपमान: विनोद खरवार
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे काशी क्षेत्र के अध्यक्ष विनोद कुमार खरवार ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा का प्रतीक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आदिवासी समाज से आने वाली देश की प्रथम महिला नागरिक पर कोई भी अमर्यादित टिप्पणी करोड़ों महिलाओं और जनजातीय समाज का अपमान है। खरवार ने चेतावनी दी कि लोकतंत्र में ऐसी ओछी राजनीति और अपमानजनक व्यवहार के लिए कोई जगह नहीं है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन को सौंपा पत्रक, सख्त कार्रवाई की मांग
विरोध प्रदर्शन के बाद मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय प्रशासन को एक पत्रक सौंपा, जिसमें पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। इस दौरान भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष पंचदेव गोंड सहित भारी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुतला दहन के दौरान काफी देर तक माहौल गरमाया रहा।
