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गाजीपुर: स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप, 17 सीएचओ को कारण बताओ नोटिस, वेतन रोकने की चेतावनी

गाजीपुर। जिले के रेवतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बुधवार को स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति समीक्षा के दौरान अधीक्षक डॉ. अमर कु...

गाजीपुर। जिले के रेवतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बुधवार को स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति समीक्षा के दौरान अधीक्षक डॉ. अमर कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों (सीएचओ) को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। यह कार्रवाई यूडीएसपी पोर्टल पर ऑनलाइन डेटा फीडिंग में लापरवाही पाए जाने पर की गई है। इस कदम से पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
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दरअसल, बुधवार को रेवतीपुर सीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक चल रही थी। इसी दौरान अधीक्षक डॉ. अमर कुमार ने यूडीएसपी पोर्टल पर डेटा फीडिंग की स्थिति परखी। पाया कि कई सीएचओ ने नियमित डेटा अपलोड नहीं किया है, जिससे संक्रामक रोगों की निगरानी प्रभावित हो रही है। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल प्रभाव से 17 सीएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।

तीन दिन में मांगा जवाब, वेतन रोकने की चेतावनी


अधीक्षक ने सभी 17 सीएचओ को तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ या संतोषजनक जवाब समय पर नहीं मिला, तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, उनका वेतन भी अगले आदेश तक रोका जा सकता है।

क्यों है यूडीएसपी पोर्टल इतना अहम?


समीक्षा बैठक में डॉ. अमर कुमार ने यूडीएसपी पोर्टल के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली संक्रामक रोगों की निगरानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस पोर्टल के जरिए ही राज्य स्तर पर 12 प्रकार की गंभीर बीमारियों की निगरानी की जा रही है, जिनमें डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, कालाजार, फाइलेरिया, हेपेटाइटिस ए, बी, सी, टाइफाइड, स्क्रब टाइफस और लेप्टोस्पाइरोसिस प्रमुख हैं।

उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से मरीजों का डेटा ऑनलाइन अपलोड किया जाता है, जिससे बीमारियों की त्वरित निगरानी संभव हो पाती है। साथ ही मरीज अपने मोबाइल नंबर या आभा आईडी के माध्यम से अपना डेटा भी देख सकते हैं। यह प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और मरीजों के लिए सुविधाजनक है।

सख्त निर्देश: ओपीडी के हर संदिग्ध मरीज का डेटा हो अपलोड


अधीक्षक ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ओपीडी में आने वाले संदिग्ध मरीजों का पूरा विवरण अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर डेटा फीडिंग में किसी भी तरह की लापरवाही पाई गई तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस अवसर पर बीपीएम बबीता सिंह, बीसीपीएम सुनील कुशवाहा, एआरओ संदीप, आशुतोष सिंह, अभिषेक उपाध्याय सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

माना जा रहा है कि अधीक्षक के इस सख्त रुख से विभाग में काम करने के तौर-तरीकों में बदलाव आएगा और डेटा फीडिंग में तेजी आएगी। फिलहाल नोटिस पाने वाले सीएचओ में हड़कंप मचा हुआ है और वे अपना स्पष्टीकरण तैयार करने में जुट गए हैं।