गाजीपुर (ब्यूरो)। केंद्र सरकार के प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी संशोधन बिल 2025 के खिलाफ गाजीपुर सहित पूरे प्रदेश में बिजली विभाग के कर्मचारियों...
गाजीपुर (ब्यूरो)। केंद्र सरकार के प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी संशोधन बिल 2025 के खिलाफ गाजीपुर सहित पूरे प्रदेश में बिजली विभाग के कर्मचारियों और इंजीनियरों ने मोर्चा खोल दिया। 'विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति' के बैनर तले लाल दरवाजा पावर हाउस पर जुटे सैंकड़ों कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने दो-टूक कहा कि यह बिल न केवल उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डालेगा, बल्कि बिजली विभाग को निजी हाथों की कठपुतली बना देगा।
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| Purvanchal Samachar |
किसानों और आम जनता पर बढ़ेगा बोझ
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बिल की खामियों को उजागर किया। आरोप लगाया गया कि नए प्रावधानों के तहत क्रॉस-सब्सिडी को खत्म करने की तैयारी है, जिसका सीधा असर किसानों को मिलने वाली रियायती बिजली पर पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि निजी कंपनियां केवल मुनाफा देने वाले शहरी इलाकों को चुनेंगी, जबकि घाटे वाले ग्रामीण क्षेत्रों का बोझ सरकारी तंत्र पर छोड़ दिया जाएगा, जिससे सार्वजनिक वितरण कंपनियां आर्थिक रूप से दम तोड़ देंगी।
नौकरी और सेवा शर्तों पर मंडराता खतरा
नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी (NCCOEEE) के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने अपनी भविष्य की असुरक्षा को लेकर भी आवाज उठाई। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि निजीकरण की इस दौड़ में कर्मचारियों की नौकरी और पेंशन पर तलवार लटक रही है। सभा की अध्यक्षता कर रहे धर्मेंद्र श्रीवास्तव और संचालक अजय विश्वकर्मा ने सभी सांसदों से अपील की है कि वे सदन में इस 'जनविरोधी' विधेयक का पुरजोर विरोध करें।
