गाजीपुर (ब्यूरो)। जनपद के होनहार युवाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मेहनत और पक्के इरादों के आगे कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं होता। नोनहरा ...
गाजीपुर (ब्यूरो)। जनपद के होनहार युवाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मेहनत और पक्के इरादों के आगे कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं होता। नोनहरा थाना क्षेत्र के रूकुंदीपुर गांव के मूल निवासी और वर्तमान में तुलसीसागर में रह रहे अधिवक्ता सदानंद पाठक के पुत्र कुशाग्र पाठक का भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयन हुआ है। इस खबर के बाद से ही पूरे जिले में जश्न का माहौल है और कुशाग्र के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
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| Purvanchal Samachar |
शाहफैज स्कूल से शुरू हुआ सफर, चेन्नई में मिली सफलता
कुशाग्र की प्रारंभिक शिक्षा शहर के प्रतिष्ठित शाहफैज स्कूल से हुई, जहां से उन्होंने अनुशासन और शिक्षा के संस्कार सीखे। उच्च शिक्षा के लिए वे प्रयागराज गए, जहां एनसीसी (NCC) से जुड़कर उनका झुकाव सेना की ओर बढ़ा। कठिन प्रशिक्षण और दिन-रात की कड़ी मेहनत के बाद कुशाग्र ने सेना में अधिकारी बनने का अपना बचपन का सपना सच कर दिखाया। चेन्नई में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान जब माता-पिता ने उनके कंधे पर लेफ्टिनेंट के 'सितारे' लगाए, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें खुशी से छलक पड़ीं।
क्षेत्र के युवाओं के लिए बने प्रेरणा
कुशाग्र की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार और रिश्तेदारों का सिर फख्र से ऊंचा किया है, बल्कि गाजीपुर के अन्य युवाओं के लिए भी एक नई राह दिखाई है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर सेना के उच्च पद तक पहुंचने वाले कुशाग्र का कहना है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की एकमात्र कुंजी है।
