गाजीपुर (ब्यूरो)। कलेक्ट्रेट सभागार में विकास परियोजनाओं की जमीनी हकीकत परखने उतरे जिलाधिकारी अविनाश कुमार के तेवर शनिवार को बेहद तल्ख नजर ...
गाजीपुर (ब्यूरो)। कलेक्ट्रेट सभागार में विकास परियोजनाओं की जमीनी हकीकत परखने उतरे जिलाधिकारी अविनाश कुमार के तेवर शनिवार को बेहद तल्ख नजर आए। 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान कई कार्यों की कछुआ गति देख डीएम ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने दो-टूक कहा कि सरकारी धन का आवंटन होने के बाद भी देरी अक्षम्य है। जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को समयबद्धता और गुणवत्ता का कड़ा अल्टीमेटम दिया है।
![]() |
| Purvanchal Samachar |
बैठक में सांसद निधि, पूर्वांचल विकास निधि और त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत बन रही सड़कों और भवनों की प्रगति जांची गई। जिलाधिकारी ने उन परियोजनाओं को चिन्हित किया जहां बजट उपलब्ध होने के बाद भी निर्माण कार्य अधर में लटके हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि मानक से समझौता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगा। जिन कार्यों में तकनीकी बाधा या धन की कमी आड़े आ रही है, उनके लिए तत्काल शासन स्तर पर पत्राचार करने का आदेश दिया गया है।
बिजली की समस्याओं के लिए हर शनिवार होगी विशेष बैठक
विकास कार्यों की राह में आने वाली विद्युत संबंधी अड़चनों को दूर करने के लिए डीएम ने एक नया और प्रभावी निर्देश जारी किया है। अब प्रत्येक शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी (CDO) संतोष कुमार वैश्य की मौजूदगी में विशेष बैठक होगी। इसका उद्देश्य बिजली से जुड़े तकनीकी मसलों का तत्काल निस्तारण करना है, ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हों और समय पर पूरे किए जा सकें।
