मऊ। मऊ जनपद में आंगनवाड़ी सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया को लेकर सियासी और प्रशासनिक पारा चढ़ गया है। ' क्रांतिकारी दल ' के सदस्यों न...
मऊ। मऊ जनपद में आंगनवाड़ी सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया को लेकर सियासी और प्रशासनिक पारा चढ़ गया है। 'क्रांतिकारी दल' के सदस्यों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विकास भवन स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) कार्यालय का जोरदार घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए, जिससे विकास भवन में काफी देर तक गहमागहमी बनी रही।
क्रांतिकारी दल के नेता राकेश कुमार सिंह ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा कि जिले में आंगनवाड़ी सहायिकाओं की नियुक्ति के नाम पर धन उगाही का खेल चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक-एक सीट के लिए 50,000 से 60,000 रुपये तक की मांग की जा रही है। सिंह ने प्रशासन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस भ्रष्टाचार पर तत्काल रोक नहीं लगी, तो संगठन सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को विवश होगा।डीपीओ की सफाई: 'पूरी तरह मेरिट आधारित है भर्ती'
दूसरी ओर, जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) अजीत कुमार सिंह ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन है। डीपीओ के अनुसार, इंटरमीडिएट, बीए और एमए के अंकों को जोड़कर एक संयुक्त मेरिट सूची तैयार की जाएगी। इसमें किसी भी स्तर पर मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं है।
चयन की वरीयता को स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि बीपीएल श्रेणी के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें सबसे पहले विधवाओं को, उसके बाद तलाकशुदा महिलाओं को वरीयता मिलेगी। यदि ये उपलब्ध नहीं होती हैं, तो बीपीएल के अन्य उच्च मेरिट वाले उम्मीदवारों का चयन होगा।
