मऊ। नगर के लिटिल फ्लावर चिल्ड्रेन स्कूल में आयोजित योग व शिक्षा संवाद पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे योगगुरु स्वामी रामदेव ने अपने चिर-पर...
मऊ। नगर के लिटिल फ्लावर चिल्ड्रेन स्कूल में आयोजित योग व शिक्षा संवाद पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे योगगुरु स्वामी रामदेव ने अपने चिर-परिचित अंदाज में देश की शिक्षा, चिकित्सा और सनातन परंपरा पर बेबाक राय रखी। मंच से संबोधन के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और खुद के बीच के 'योगी' शब्द के अंतर को बेहद दार्शनिक और राजनीतिक चतुराई के साथ स्पष्ट किया। रामदेव ने कहा कि आज पूरे उत्तर प्रदेश में 'योगी ही योगी' की गूंज है, लेकिन दोनों की परंपराएं और मार्ग अलग-अलग हैं।
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| Purvanchal Samachar |
'वो राजयोग वाले योगी, हम योग वाले'
स्वामी रामदेव ने मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए कहा, "आप मुझे भी योगी के नाम से जानते हैं और उन्हें भी। वो (सीएम योगी) राजयोग की परंपरा वाले योगी हैं और हटयोग का मार्ग चुन चुके हैं। जबकि हम भारत की योग साधना, सनातन परंपरा और हर जाति-वर्ग को जोड़ने वाली साझी विरासत के योगी हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि वैज्ञानिक दृष्टि से हम सबके भीतर एक ही आत्मा है, लेकिन समाज को जाति और समुदायों में बांट दिया गया है, जो देश के लिए घातक है।
विभाजन की राजनीति पर सीधा प्रहार
योगगुरु ने भारतीय शिक्षा बोर्ड की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बोर्ड देश को एकता के सूत्र में पिरोने का काम करेगा। उन्होंने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर कटाक्ष करते हुए कहा कि समाज में चल रहे विभाजन से किसी के राजनीतिक मंसूबे तो पूरे हो सकते हैं, लेकिन इससे देश कमजोर होता है। उन्होंने 'वसुधैव कुटुंबकम' के विचार को दोहराते हुए कहा कि भारतीय शिक्षा और चिकित्सा का वर्चस्व आज पूरी दुनिया मान रही है।
