वाराणसी । धर्मनगरी काशी के आदमपुर इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर डा. आरिफ अंसारी का 19 वर्षीय बे...
वाराणसी । धर्मनगरी काशी के आदमपुर इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर डा. आरिफ अंसारी का 19 वर्षीय बेटा अबू बकर आ गया। एटीएस (ATS) की जांच में पूर्वांचल के युवाओं को इस्लामिक रेडिकलाइजेशन की राह पर धकेलने की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। आरोपी छात्र पर आरोप है कि वह नीट की तैयारी के बहाने बंद कमरों में कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा दे रहा था और प्रतिबंधित संगठनों के डिजिटल विंग से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ था।
![]() |
| Purvanchal Samachar |
व्हाट्सएप ग्रुप और जेहादी वीडियो ने खोली पोल
एटीएस अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में हुई एक कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप्स सामने आए थे, जिनकी पड़ताल करने पर एक लोकेशन वाराणसी की निकली। जब जांच का घेरा आगे बढ़ा तो डॉक्टर के बेटे की संलिप्तता के पुख्ता प्रमाण मिले। छात्र के मोबाइल और लैपटॉप को खंगालने पर भारी मात्रा में जेहादी कंटेंट, हिंसक वीडियो और भड़काऊ सामग्री बरामद हुई है। जांच में यह भी पता चला है कि छात्र यूट्यूब और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर इन गतिविधियों को लगातार फॉलो कर रहा था।
पड़ोसी बोले- "कमरे से बाहर कम ही निकलता था लड़का"
इस कार्रवाई के बाद आदमपुर के रिहायशी इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। मोहल्ले वालों का कहना है कि डॉक्टर का परिवार बेहद सम्मानित है और बेटा कभी बाहर संदिग्ध गतिविधियों में नहीं दिखा। परिजनों ने भी एटीएस को बताया कि वह दिन-भर कमरे में ऑनलाइन पढ़ाई करने का दावा करता था। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि इस नेटवर्क के तार पूर्वांचल के अन्य जिलों के युवाओं से भी जुड़े हो सकते हैं।
