वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के वैज्ञानिकों ने डेयरी विज्ञान के क्षेत्र में एक ऐसी 'सुपरफूड' दही तैयार की है, जो न केव...
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के वैज्ञानिकों ने डेयरी विज्ञान के क्षेत्र में एक ऐसी 'सुपरफूड' दही तैयार की है, जो न केवल स्वाद में बेमिसाल है, बल्कि सेहत का खजाना भी है। बीआरएबीयू के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय के नेतृत्व में बीएचयू की शोध टीम ने स्ट्रॉबेरी के 'फ्रीज ड्रायर पाउडर' का इस्तेमाल कर एक विशेष दही विकसित की है। यह शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल 'अप्लाइड फूड रिसर्च' में प्रकाशित हुआ है, जो इसकी वैज्ञानिक प्रामाणिकता पर मुहर लगाता है।
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| Purvanchal Samachar |
34 बायो-एक्टिव यौगिकों से लैस: बीमारियों पर करेगी सीधा प्रहार
बीएचयू के जनसंपर्क अधिकारी राजेश सिंह के मुताबिक, इस रिसर्च में अत्याधुनिक 'मेटबोलॉमिक्स तकनीक' का सहारा लिया गया है। जांच में दही के भीतर 34 ऐसे बायो-एक्टिव यौगिक पाए गए हैं, जो शरीर के लिए सुरक्षा कवच का काम करते हैं। इसमें मौजूद 'अल्फा लिनोलेनिक एसिड' और 'एलर्जिक एसिड' हृदय रोगों से बचाने, सूजन कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को कई गुना बढ़ाने में बेहद कारगर साबित हुए हैं।
8% का जादुई फॉर्मूला: डेयरी उद्योग को मिलेगी नई दिशा
प्रो. दिनेश चंद्र राय के अनुसार, शोध के दौरान पाया गया कि यदि दही में सटीक 8% स्ट्रॉबेरी पाउडर मिलाया जाए, तो पोषण और स्वाद का सबसे बेहतरीन संतुलन बनता है। प्रो. राय के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले दो वर्षों में यह उनका 31वां अंतरराष्ट्रीय शोध प्रकाशन है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नवाचार भारतीय डेयरी उद्योग में 'वैल्यू एडेड' उत्पादों के भविष्य को बदल कर रख देगा।
