लखनऊ। महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज 'जन आक्रोश' की गवाह बनी। मुख्यमंत्री योगी आ...
लखनऊ। महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज 'जन आक्रोश' की गवाह बनी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मुख्यमंत्री आवास (5 कालिदास मार्ग) से विधान भवन तक विशाल महिला पदयात्रा निकाली गई। संसद में विपक्षी दलों के विरोध के कारण बिल पर आए गतिरोध के खिलाफ बीजेपी ने इस मार्च के जरिए अपना अब तक का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया है।
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| Purvanchal Samachar |
सीएम और दोनों डिप्टी सीएम ने संभाली कमान
इस ऐतिहासिक पदयात्रा में मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, यूपी बीजेपी अध्यक्ष और महिला आयोग की पूरी टीम शामिल रही। लखनऊ के कोने-कोने से आईं हजारों महिला कार्यकर्ताओं ने 'नारी शक्ति वंदन' के नारों से आसमान गुंजायमान कर दिया। यह मार्च सीधे तौर पर उन दलों के लिए एक चेतावनी थी, जिन्होंने संसद में इस विधेयक की राह में रोड़े अटकाए थे।
"सपा-कांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा बेनकाब"— योगी
पदयात्रा के समापन पर विधान भवन के समक्ष जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने विपक्ष पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष का आचरण नारी गरिमा के प्रतिकूल रहा है। कांग्रेस और सपा जैसी पार्टियों का चेहरा अलोकतांत्रिक और महिला विरोधी है। ये दल नहीं चाहते कि महिलाएं सशक्त हों, लेकिन आज की ये भीड़ इस बात का प्रमाण है कि देश की नारी शक्ति अब अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी।"
जातिवाद पर प्रहार: "देश में केवल चार जातियां"
मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष जहां जातिवाद की राजनीति कर रहा है, वहीं मोदी जी ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में केवल चार जातियां हैं— महिला, गरीब, युवा और किसान। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने जो आर्थिक उन्नति की है, उसके केंद्र में यही चार वर्ग हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने भीषण गर्मी के बावजूद भारी संख्या में जुटी महिलाओं का खुले दिल से आभार जताया।
