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गाजीपुर: 67 करोड़ के Crown Pay' से जुड़े साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़, तीन मास्टरमाइंड गिरफ्तार

गाजीपुर (ब्यूरो)। जनपद के पुलिस कप्तान डॉ. ईरज राजा के कड़े तेवरों और कुशल निर्देशन का असर अब साइबर अपराधियों की कमर तोड़ने लगा है। थाना ...

गाजीपुर (ब्यूरो)। जनपद के पुलिस कप्तान डॉ. ईरज राजा के कड़े तेवरों और कुशल निर्देशन का असर अब साइबर अपराधियों की कमर तोड़ने लगा है। थाना साइबर क्राइम और स्वाट टीम ने एक संयुक्त ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय 67 करोड़ रुपये के विशाल साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने लंका मैदान के सामने फुल्लनपुर तिराहे से तीन शातिर जालसाजों को उस वक्त दबोचा, जब वे नए फर्जी खातों की सेटिंग में जुटे थे।

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SP महोदय के निर्देश पर गठित टीम ने फुल्लनपुर में डाली दबिश

पुलिस अधीक्षक महोदय के कुशल नेतृत्व, अपर पुलिस अधीक्षक नगर (साइबर नोडल) और पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध) के कड़े पर्यवेक्षण में इस मिशन को अंजाम दिया गया। सर्विलांस और गहन विवेचनात्मक साक्ष्य संकलन के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर ऋषिराज, रोहन कुमार और सचिन सिंह को गिरफ्तार किया। इनके पास से 700 से अधिक 'म्यूल' (फर्जी) खातों का कच्चा चिट्ठा और करोड़ों की ठगी के पुख्ता सबूत बरामद हुए हैं।

जिसके तार टेलीग्राम पर संचालित 'Crown Pay' जैसी फर्जी कंपनियों से जुड़े थे। पुलिस ने लंका मैदान के पास फुल्लनपुर तिराहे से तीन शातिर जालसाजों को दबोचा है। इनके पास से 700 से अधिक 'म्यूल' (फर्जी) खातों का डेटा और भारी मात्रा में सिम कार्ड, एटीएम व पासबुक बरामद हुए हैं। जांच में सामने आया है कि इन खातों के जरिए देशभर में करीब 67 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की जा चुकी है।


लालच देकर खुलवाते थे 'म्यूल' खाते, MSME के नाम पर खेल


गिरफ्तार अभियुक्तों—ऋषिराज (शादियाबाद), रोहन कुमार (जमानिया) और सचिन सिंह (सोनभद्र)—का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। ये जरूरतमंद लोगों को चंद पैसों का लालच देकर उनके नाम पर आधार और पैन कार्ड हासिल करते थे। इसके बाद फर्जी MSME प्रमाणपत्र और GST रजिस्ट्रेशन करवाकर बैंकों में करंट अकाउंट खोले जाते थे। इन खातों का यूजर आईडी और पासवर्ड टेलीग्राम के जरिए 'Crown Pay' सिंडिकेट को बेच दिया जाता था।


क्रिप्टो और APK फाइल का खतरनाक जाल

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी टेलीग्राम पर 'Crown SMS' और 'WPAY DS' जैसी एपीके (APK) फाइलें इंस्टॉल करवाते थे, जिससे बैंक के ओटीपी सीधे गैंग के पास पहुंच जाते थे। ठगी की रकम को Binance और KU-Coin जैसे क्रिप्टो प्लेटफॉर्म के जरिए खपाया जाता था। अभियुक्त सचिन सिंह ने अकेले 2.50 करोड़ और रोहन ने 1.75 करोड़ रुपये का कमीशन डकारने की बात कबूल की है। इनके मोबाइल से देशभर में दर्ज 75 से अधिक शिकायतों (NCRP पोर्टल) का लिंक मिला है।