गाजीपुर (ब्यूरो)। "हम अजनबी बनकर आए थे, लेकिन आज एक परिवार बन चुके हैं।" यह भावुक शब्द द कोटा ग्लोबल स्कूल, बाघी की प्रिंसिपल पु...
गाजीपुर (ब्यूरो)। "हम अजनबी बनकर आए थे, लेकिन आज एक परिवार बन चुके हैं।" यह भावुक शब्द द कोटा ग्लोबल स्कूल, बाघी की प्रिंसिपल पुनीता सिंह खुश्बू के थे, जो जूनियर छात्रों द्वारा सीनियर विद्यार्थियों के सम्मान में आयोजित विदाई समारोह के दौरान गूंजे। नंदगंज क्षेत्र के इस प्रतिष्ठित संस्थान में आयोजित 'फेयरवेल' का हर पल यादों, उल्लास और आत्मीयता के रंगों में सराबोर नजर आया। कार्यक्रम का आगाज स्कूल के चेयरमैन अभय नाथ यादव और प्रिंसिपल ने भारत माता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।
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शिक्षा के साथ संस्कारों का संगम: 'हर अंत एक नई शुरुआत'
संबोधन के दौरान प्रिंसिपल ने छात्रों को जीवन के अगले पड़ाव के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि स्कूल में बिताया गया समय केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह रिश्तों और अनुभवों का अनमोल खजाना है। उन्होंने छात्रों से कहा कि विदाई को अंत नहीं, बल्कि एक नए सफर की शुरुआत के रूप में देखें। इस दौरान कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें गीतों और नृत्य की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बना दिया।
दसवीं की यादें और भविष्य की उम्मीदें
यूं तो यह विदाई औपचारिक थी क्योंकि छात्र 10वीं से 11वीं कक्षा में प्रोन्नत हो रहे हैं, लेकिन भावनात्मक जुड़ाव ऐसा था कि कई छात्रों की आंखें नम हो गईं। विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि 'कोटा ग्लोबल स्कूल' उनके लिए दूसरा घर है और शिक्षकों का स्नेह उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। कार्यक्रम में प्रबंधक सुजीत (साइकिल), वाइस प्रिंसिपल अंकित सांगवान और को-ऑर्डिनेटर मनोज यादव समेत पूरा विद्यालय परिवार मौजूद रहा। हंसी के ठहाकों और भावुक पलों के बीच यह समारोह भविष्य की नई उम्मीदों के साथ संपन्न हुआ।
