गाजीपुर (ब्यूरो)। क्या घर की दिशाएं वाकई हमारे भाग्य का फैसला करती हैं? सुनने में यह किसी चमत्कार जैसा लग सकता है, लेकिन वास्तु शास्त्री वि...
गाजीपुर (ब्यूरो)। क्या घर की दिशाएं वाकई हमारे भाग्य का फैसला करती हैं? सुनने में यह किसी चमत्कार जैसा लग सकता है, लेकिन वास्तु शास्त्री विष्णुप्रिया का जीवन इसी 'चमत्कार' की जीती-जागती मिसाल है। महज 30 साल की उम्र में जब जीवन मुश्किलों के भंवर में फँसा था और चारों तरफ से नुकसान घेर रहे थे, तब एक बुजुर्ग की सलाह ने न केवल उनके घर की दिशा बदली, बल्कि उनकी नियति ही बदल दी।
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| Purvanchal Samachar |
लाल टेप और नीले शीशे: बिना तोड़फोड़ के बदला भाग्य
विष्णुप्रिया बताती हैं कि उन्होंने 'मरता क्या न करता' की तर्ज पर वास्तु के छोटे-छोटे उपाय शुरू किए। आग्नेय कोण (South-East) में मौजूद नीले शीशे को ढंकना हो या गेट को लाल टेप से ब्लॉक करना, उन्होंने बिना किसी तोड़फोड़ के सुधार किए। दक्षिण-पश्चिम के किचन को सही जगह शिफ्ट किया और उत्तर दिशा के मुख्य द्वार (N2) का सरल उपचार किया। इन बदलावों के बाद मानो बंद किस्मत का ताला खुल गया और उनके जीवन की गाड़ी पटरी पर लौट आई।
20 घरों का अनुभव और CCRT फेलोशिप का सफर
अपनी सफलता के बाद विष्णुप्रिया ने करीब 20 घरों का गहन अध्ययन किया, जहाँ उन्होंने पाया कि वास्तु दोष और जीवन की परेशानियाँ सीधे तौर पर जुड़ी थीं। इसी दौरान उन्होंने वैदिक ज्योतिष और अंक ज्योतिष की गहराई को समझा। उनकी मेहनत और शोध का ही परिणाम था कि उन्हें CCRT (सांस्कृतिक संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र) से फेलोशिप प्राप्त हुई। आज वे केवल एक सलाहकार नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों के लिए 'खुशियों का माध्यम' बन चुकी हैं।
नोट: मार्गदर्शन के लिए संपर्क करें- विष्णुप्रिया (वास्तु शास्त्री)
संपर्क सूत्र 9140073404
